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एनकाउंटरः राजेश भारती ने 15 की उम्र में मां-भाई संग मिलकर की थी पिता की हत्या, ऐसे बना गैंगस्टर

Mon, 11 Jun 2018 11:59 AM IST
महबूब अली/अमर उजाला, नई दिल्ली/जींद/रोहतक
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली एनकाउंटर में मारे गए कंडेला गांव निवासी गैंगस्टर राजेश भारती ने महज 15 वर्ष की आयु में ही अपराध की दुनिया में कदम रख लिया था। हालांकि पढ़ाई करते समय राजेश बहुत ही शांत स्वभाव का और काफी होशियार था।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद गांव के लोगों ने चुप्पी साध ली है और इस बारे में कोई बातचीत करने को तैयार नहीं है। राजेश का दूसरा भाई और उसकी बहन गुरुग्राम में रहते हैं। ऐसे में राजेश के शव का अंतिम संस्कार भी गांव में नहीं किया गया। अपराध की दुनिया में राजेश ने कदम रखने के बाद मुड़कर नहीं देखा और अपराध के दलदल में लगातार धंसता चला गया।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर राजेश भारती के एक सहपाठी ने बताया कि दसवीं कक्षा में पढ़ते समय राजेश ने अपने भाई और मां के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे जेल जाना पड़ा था और उसके बाद वो अपराध की दुनिया से जुड़ गया। एनसीआर में गैंगस्टर बनने के बाद भी राजेश ने कभी अपने गांव या जींद जिले में किसी प्रकार की वारदात को अंजाम नहीं दिया। इसके चलते ही ग्रामीणों की नजर में राजेश की काफी अच्छी छवि बनी हुई थी।

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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
राजेश के सहपाठियों व गांव के पूर्व सरपंच रणधीर ने बताया कि राजेश बचपन में होनहार और बेहद शरीफ था। पढ़ाई में हमेशा आगे रहता था। दसवीं कक्षा में वो सबसे होशियार था लेकिन इसी दौरान ऐसा कुछ हुआ कि उसकी जिंदगी ही बदल गई। राजेश ने अपनी मां और भाई के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी और जेल चला गया। दसवीं की परीक्षा देने भी वह पुलिस कस्टडी में आया था। इसके बाद राजेश के चाचा ने राजेश की मां की हत्या कर दी। इन वारदात के बाद राजेश अपने भाई व बहन को लेकर गुरुग्राम चला गया और गैंगस्टर बन गया। इसके बाद उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई। केवल राजेश भारती के बारे में समाचार ही पढ़ने को मिले।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
हत्या का मामला है दर्ज
राजेश के खिलाफ उसके पिता की हत्या का मामला जींद पुलिस में दर्ज हुआ था। उसके बाद राजेश ने एनसीआर में ही वारदात को अंजाम दिया। जींद में कोई भी अपराध उसने नहीं किया। -मनदीप सिंह, थाना प्रभारी, जींद।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
दो गनर रख खुद को जिला परिषद चेयरमैन बताता था राजेश भारती
 दिल्ली की स्पेशल सेल द्वारा एनकाउंटर में मारे गए इनामी राजेश भारती व संजीत बिदरो के संबंध में पुलिस को कई जानकारियां हाथ लगी हैं। स्पेशल सैल की जांच में सामने आया है कि पुलिस से खुद को बचाने के लिए राजेश भारती हरियाणा ही नहीं, दिल्ली, राजस्थान, के विभिन्न पुलिस चैक पोस्ट पर अपने को जिला परिषद का चेयरमैन बताता था।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
यही नहीं इसके लिए वह हर समय अपनी कार में दो फर्जी गनर भी रखता थ। दिल्ली में हरियाणा विधानसभा लिखे मिले एक स्टीकर की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है। कई बार पुलिसकर्मियों द्वारा कार रुकवाने पर राजेश ने उन्हें हड़काया भी था। सूत्रों के अनुसार शनिवार को इनामी राजेश भारती व संजीत बिदरो समेत चार को एनकाउंटर में मार गिराने के बाद दिल्ली की स्पेशल सेल को बदमाशों की कार से एक हरियाणा विधानसभा लिखा एक स्टीकर बरामद हुआ था। स्टीकर के बरामद होने के बाद दिल्ली पुलिस बदमाशों के वीआईपी कनेक्शन को तलाश करने में जुटी थी। गिरोह का संपर्क राजनीति गलियारों में तलाशा जा रहा था।

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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली स्पेशल सेल व रोहतक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि इनामी राजेश भारती जब भी किसी वारदात को अंजाम देने के लिए जाता था तो वह खुद को जिला परिषद का चेयरमैन बताता था। इसके लिए वह कार में अपने दो गुर्गों को रखता था। गुर्गें तुरंत ही कार से उतरकर कार रुकवाने वाले पुलिसकर्मियों को राजेश भारती का चेयरमैन के रुप में परिचय देते थे।

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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
कई बार राजेश भारती हरियाणा के अलावा राजस्थान, दिल्ली, राजस्थान के विभिन्न चैक पोस्ट पर रुकवा लिया गया तो चेयरमैन बताते ही उसे जाने दिया गया था। दिल्ली में तो एक बार उसने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए उनके साथ गाली गलौच भी की थी। पुलिस ने राजेश व उसके साथियों को पकड़ने का प्रयास किया था मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। दिल्ली में कार से बरामद हरियाणा विधानसभा लिखे स्टीकर की जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी है।

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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने की मेरे लाल की हत्या अमर उजाला टीम संजीत बिदरो के पैतृक गांव बहु अकबरपुर पहुंची। दोपहर तक भी संजीत का शव दिल्ली से गांव में नहीं पहुंच सका था। पहले तो परिजनों ने अमर उजाला से बात करने से इनकार कर दिया। बाद में मृतक की मां रामकली व मौसी भगवती ने कहा कि संजीत अब सुधर चुका था। दिल्ली पुलिस ने एनकाउंटर नहीं उसकी हत्या की है। करीब एक साल पूर्व उसे हिसार जेल से भी पुलिस ने ही जान बूझकर भगवाया था। मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से करने की बात कहीं है। मां व मौसी दोनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

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most wanted gangster
दिल्ली के फार्म हाउस में लेता था शरण पुलिस की जांच में सामने आया है कि राजेश भारती व बिदरो दिल्ली के एक प्रॉपर्टी डीलर के फार्म हाउस पर जाकर शरण लेता था। पुलिस ने गिरोह को शरण देने वाले लोगों का ब्योरा भी तैयार कराना शुरू कर दिया है। पुलिस शरण देने वालों पर भी कार्रवाई करेगी।

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most wanted gangster
कागजात पूरे न होने के कारण नहीं हो सका संजीत का पोस्टमार्टम संजीत बिदरो के परिजन रविवार की सुबह ही शव लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए थे। संजीत के भाई मंजित ने बताया कि पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी नहीं की। जिसके कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अब सोमवार को ही पोस्टमार्टम के बाद शव मिल सकेगा।
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most wanted gangster
सुनसान पड़ी रहीं बहु अकबरपुर की गलियां संजीत के एनकाउंटर के बाद रविवार को बहु अकबरपुर की गलियां सुनसान पड़ी रहीं। अमर उजाला टीम ने ग्रामीणों से एनकाउंटर के बारे में जानकारी हासिल करनी चाही तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि दो ग्रामीणों ने कहा कि संजीत ने कभी ग्रामीणों का बुरा नहीं किया।
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