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दिल्ली का दूसरा सबसे बड़ा शूटआउट है छतरपुर मुठभेड़, अब ये दो संभाल सकते हैं राजेश का गिरोह

Mon, 11 Jun 2018 10:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के छतरपुर इलाके में शनिवार दोपहर को हुआ छतरपुर शूटआउट दिल्ली का सबसे बड़ा शूटआउट नहीं है। इससे पहले भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल सोनिया विहार में हुई मुठभेड़ में पांच बदमाशों को ढेर कर चुकी है।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
इसमें छठे बदमाश को गोली लगी थी। हालांकि इस छठे बदमाश का अभी तक कुछ पता नहीं लगा है कि वह जिंदा है या फिर उसकी मौत हो गई। वह मौके से फरार हो गया था। सोनिया विहार के शूटआउट को दिल्ली का अब तक का सबसे बड़ा शूटआउट माना जा रहा है।  उस समय भी टीम के मुखिया डीसीपी संजीव यादव थे।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डीसीपी संजीव यादव की देखरेख में तत्कालीन इंस्पेक्टर एसके गिरी, मनोज दीक्षित व एसआई शिव कुमार आदि पुलिसकर्मियों की टीम ने वर्ष 2006 में सोनिया विहार पुश्ता पर अयूब असलम गिरोह के साथ मुठभेड़ की थी।

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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ में इस गिरोह के अयूब व असलम समेत पांच बदमाश ढेर हो गए थे। छठे बदमाश को गोली लगी थी। ये बदमाश मौके से गायब हो गया था। आज तक इस बदमाश का पता नहीं लगा। शूटआउट छतरपुर को दिल्ली का दूसरा सबसे बड़ा शूटआउट माना जा रहा है। इसके बाद तीसरे नंबर पर आता है शूटआउट वसंत कुंज।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
स्पेशल सेल की टीम ने ही नीतू दबोदिया गिरोह के तीन बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इस समय भी टीम के लीडर डीसीपी संजीव यादव थे। इस मुठभेड़ के लिए डीसीपी संजीव यादव, एसके गिरी, मनोज दीक्षित व एएसआई अशोक त्यागी को गैलेंट्री अवार्ड मिला था।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
सोनू खड़खड़ी और जीतू भांजा संभाल सकता है गिरोह की कमान राजेश भारती गिरोह की कमान अब सोनू खड़खड़ी व जीतू भांजा संभाल सकता है। राजेश भारती गिरोह के इन गैंगस्टर पर भी एक-एक लाख रुपये का इनाम रखा हुआ है। सोनू खड़खड़ी, हरियाणा का रहने वाला है, जबकि जीतू भांजा बहादुरगढ़, हरियाणा का रहने वाला है। ये दोनों भी राजेश भारती के साथ हमेशा रहते थे। स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार ये दोनों राजेश भारती गिरोह के शातिर बदमाश हैं।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
हमेशा साथियों के साथ रहता था राजेश दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार राजेश भारती किसी बाहर के सदस्य पर विश्वास नहीं करता था। राजेश भारती, संजीत विद्रोही उर्फ विद्रोह और उमेश डॉन हमेशा एक साथ रहते थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इनको कभी अकेला नहीं देखा गया। राजेश भारती गिरोह के बदमाश जब भी चलते तीन से चार गाड़ियां एक साथ चलती थीं। गिरोह के दूसरे सदस्य दूसरी गाड़ियों में होते थे। ये अज्ञात को गिरोह में शामिल नहीं करते थे।
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shootout at chhatarpur - फोटो : अमर उजाला
ब्रीफकेस से मिले साढ़े तीन लाख रुपये दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार फोर्ड एंडेवर कार से जो ब्रीफकेस मिला है उसे दक्षिण जिला पुलिस ने एसडीएम के सामने खोला। ब्रीफकेस में साढ़े तीन लाख रुपये, बैंक पासबुक, पिस्टल के लाइसेंस और पासपोर्ट मिले हैं। बताया जा रहा है कि ये ब्रीफकेस प्रॉपर्टी डीलर संजीत का है। इसके अलावा फोर्ड एंडेवर से एक बैग मिला है। इसमें से एक पिस्टल और मिली है।
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