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Delhi Building Collapse: ...तो क्या मतलूब के परिवार का मौत कर रही थी पीछा, 5 माह पहले भी बच गई थी पूरी फैमिली

Sun, 13 Jul 2025 03:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

दिल्ली के वेलकम में इमारत भरभराकर गिर जाने से दो साल की मासूम सहित एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। अब्दुल मतलूब का परिवार फरवरी में बेटी की शादी के दौरान भीषण अग्निकांड में भी बाल-बाल बच गया था।
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अब्दुल मतलूब, पत्नी राबिया, बेटे जावेद और अब्दुल्लाह के साथ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में इमारत गिरने से अब्दुल मतलूब समेत छह लोगों की मौत के बाद पांच माह पहले हुए हादसे की बात बार-बार याद आ रही है। लोगों ने बताया कि फरवरी में बेटी की शादी के दौरान भीषण अग्निकांड में यह परिवार बच गया था लेकिन आज दो साल की मासूम समेत छह लोगों की जान चली गई। 

पड़ोसी आपस में बात करते सुनाई दिए कि ऐसा लगता है कि मौत इस परिवार का पीछा कर रही थी। पांच माह पहले आग से मतलूब की बेटी की शादी के लिए आया दहेज का पूरा सामान जल गया था। अगले दिन आनन-फानन दहेज का इंतजाम किया गया। उस समय परिवार ने जान बचने पर खुदा का जमकर शुक्रिया अदा किया था। 
 
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विलाप करते परिजन - फोटो : एएनआई
अब्दुल मतलूब की पत्नी राबिया परवीन की फुफेरी बहन खुर्शीद जहां उर्फ छीम बाजी ने बताया कि उनकी बहन ने वेलकम के अलावा गौतमपुरी में 100 गज का मकान खरीदा हुआ था। वेलकम का मकान छोटा होने की वजह से कुछ साल पूर्व पूरा का पूरा परिवार गौतमपुरी के मकान में शिफ्ट हो गया था। 

 
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दिल्ली में मकान गिरा - फोटो : एएनआई
छोटी बेटी आफिया की शादी तय हुई तो उन्होंने सारे कार्यक्रम गौतमपुरी के मकान में रखे। जिस दिन आग लगी तो उस दिन पूरा का पूरा परिवार ग्राउंड फ्लोर के हॉल में था। आफिया पार्लर गई थी। 

 

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दिल्ली में मकान गिरा - फोटो : एएनआई
बाकी परिवार हॉल में दहेज दिखाने के लिए सजा रहा था। पहली मंजिल पर खाना गर्म किया जा रहा था। उसी दौरान पहले आग लगी। शायद मौत मतलूब के परिवार को अपने आगोश में लेने को बेताब थी। यह कहकर छीम बाजी रोने लगीं।
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दिल्ली में हादसे के बाद मौके पर जमा लोग - फोटो : पीटीआई
देर रात जयपुर से दिल्ली लौटा था आधा परिवार, लोग बोले काश वहीं रुक जाते...
मतलूब की छोटी बेटी आफिया के पति इकराम ने जयपुर में सैलून खोला था। उद्घाटन पर उसके बुलावे पर राबिया, बेटी जूबिया, दो बेटे अब्दुल्लाह और नावेद जयपुर गए थे। शुक्रवार देर रात ही सभी दिल्ली पहुंचे थे। रात को पहुंचकर सभी ने खाना खाया। देर रात करीब दो बजे तक सभी बात करते रहे। 
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विलाप करते परिजन - फोटो : पीटीआई
एक परिजन ने बताया कि शायद इसी वजह से सभी गहरी नींद में थे और यह अनहोनी घट गई। रिश्तेदारों को जब हादसे का पता चला तो वह दिल्ली पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि इकराम चाहता था कि सभी लोग कुछ दिन उसके साथ रुके लेकिन घर जल्दी आने की जिद ने छह लोगों की जान ले ली। परिजनों का कहना था कि अगर वह कुछ और दिन जयपुर रुक जाते तो शायद हादसे का शिकार न होते।
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विलाप करते परिजन - फोटो : पीटीआई
चार मंजिला इमारत ढही, एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके की जनता कॉलोनी में शनिवार सुबह चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर जाने से दो साल की मासूम सहित एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हैं। हादसे के समय वहां दस लोग मौजूद थे। इमारत के मलबे की चपेट में आकर तीन अन्य मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। दिल्ली सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।

 

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विलाप करते परिजन - फोटो : पीटीआई
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह इमारत गिरने से भीषण आवाज हुई, जिसे सुनकर लोग मौके पर पहुंचे। मलबे से एक मासूम समेत चार लोगों और पड़ोस के एक अन्य मकान से चार अन्य को निकालकर अस्पताल भेजा गया। पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। महज चार फीट चौड़ी गली, मकानों के छज्जे मिले होने और बिजली के तारों की वजह से राहत एवं बचाव कार्य में खासी परेशानी आई। लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर मलबा हटाने का प्रयास किया। 

 

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विलाप करते परिजन - फोटो : पीटीआई
आसपास के मकान खाली कराए
राहत कार्य करने में बचाव दल के पसीने छूट गए। मलबा हटाते समय पड़ोसियों के घरों की दीवारें भी हिल रही थीं। इसे देखते हए पलिस व बचाव दल ने आसपास के आठ मकानों को खाली करवाया। इसके बाद मलबा हटाने काम शरू हआ। लोगों ने बताया कि रोज सुबह 9 बजे बच्चे आंगनबाड़ी में पढ़ने आते थे। अगर दो घंटे बाद हादसा होता तो कई और जानें जा सकती थीं। शाहदरा एसडीएम कपन झा ने बताया कि मलबा छोटे ट्रैक्टर की मदद से लाकर चौक पर उसका ढेर लगाया जा रहा है। बाद में बड़े ट्रकों की मदद से इसे हटा दिया जाएगा। 

 
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दिल्ली में गिरा मकान - फोटो : अमर उजाला
भूतल पर था आंगनबाड़ी केंद्र
35 गज में बनी चार मंजिला इमारत के भूतल पर आंगनबाड़ी केंद्र था। ऊपर की मंजिल पर यूपी के बिजनौर निवासी अब्दुल मतलूब, पत्नी राबिया, चार बेटों परवेज, जावेद, नावेद, अब्दुल्लाह उर्फ भूरा, बहू शीजा, पोते अहमद, बेटी जूबिया और दो साल की नवासी फौजिया के साथ रहते थे। अब्दुल, राबिया, जावेद, जूबिया, अब्दुल्लाह, फौजिया की मौत हो गई।

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