फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में एक परिवार के पांच की हत्याः ऐसी थी शवों की हालत देख चाचा हुए बेहोश, माता-पिता का बुरा हाल

Thu, 13 Feb 2020 10:05 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
bhajanpura murder - फोटो : अमर उजाला
नई दिल्ली के भजनपुरा में शंभूनाथ के पूरे परिवार की एक साथ हत्या की सूचना के बाद उससे रिश्तेदारों में कोहराम मचा हुआ है। सूचना मिलते ही सभी भजनपुरा स्थित मकान की ओर भागे। चाचा मुन्नालाल चौधरी तो शवों की हालत देखकर बेहोश हो गया। बाकी रिश्तेदारों की आंखों से भी आंसू रुक नहीं रहे थे। शवों की हालत देख बेहोश होने वाले मुन्नालाल ने बताया कि जब वो पहुंचे तो कैसा था घटनास्थल का हाल और आखिर वो क्यों बेहोश हो गए थे....
विज्ञापन

2 of 5
जांच में जुटी पुलिस - फोटो : Amar Ujala
रिश्तेदारों ने बिहार में परिवार को सूचना दी है। शंभूनाथ के माता-पिता व बाकी रिश्तेदार दिल्ली के लिए निकल गए हैं। पुलिस गुरुवार को सभी का पोस्टमार्टम कराकर शव सौंपेगी। परिजनों का कहना था कि शवों की हालत बेहद खराब है। इसलिए अंतिम संस्कार दिल्ली में ही कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

3 of 5
शवों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
शंभूनाथ के रिश्ते के मामा शंकर जायसवाल ने बताया कि करीब 20 साल पहले शंभूनाथ दिल्ली आए थे। बिहार के सुपौल जिले में रहने वाले उनके परिवार में पिता महादेव चौधरी, मां अनीता देवी, एक छोटा भाई रोशन चौधरी और शादीशुदा बहन गीता देवी हैं। रोशन को छोड़कर सभी बिहार में रहते हैं। रोशन परिवार के साथ बुराड़ी इलाके में रहता है। उसका वॉल पेपर का कारोबार है।

4 of 5
शवों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
शंभूनाथ के चचेरे भाई मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि 15-16 साल से शंभूनाथ भजनपुरा इलाके में अलग-अलग मकानों में किराए पर रह रहे थे। इस बीच उन्होंने जूस की दुकान खोली थी। नुकसान होने की वजह से दुकान बंद की और ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया। शंभूनाथ कुछ भी करके अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते थे। उनके बच्चे यमुना विहार के स्कूल में पढ़ते थे। इसलिए वे भजनपुरा इलाके में ही रहते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
घटनास्थल पर मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
उधर, सूचना के बाद पहुंचे शंभूनाथ के चाचा मुन्नालाल चौधरी शवों की हालत देखकर बेहोश हो गए। बाद में किसी तरह उसे संभाला गया। सभी परिजनों का कहना था कि शंभूनाथ बेहद सरल स्वभाव के थे। उनकी किसी से कोई रंजिश भी नहीं थी। पता नहीं किसने उनकी हत्या की। हत्याकांड के बाद पूरा परिवार सदमे में था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें