सांकेतिक तस्वीर
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समीकरण
दिल्ली के मतदाताओं का अलग-अलग तबका है, जैसे- पूर्वांचली, उत्तराखंडी, पंजाबी, मुस्लिम आदि। आम तौर पर एक तबके के मतदाताओं का किसी एक पार्टी की ओर झुकाव होता है, लेकिन 2015 में केजरीवाल ने इस मान्यता को तोड़ते हुए रिकॉर्ड 54 प्रतिशत मतों से जीत हासिल की थी। अब इस बार भाजपा पूर्वांचली वोटरों को अपनी ओर कर जीत हासिल करने में लगी है, तो वहीं आम आदमी पार्टी पिछली बार की तरह ही मतदान की उम्मीद कर रही है।