सुबह के करीब 9.30 बजे थे, अस्सी साल के फौजी बाबा (सेना से रिटायर सूबेदार) अपना वोट डालकर धीरे-धीरे चलते हुए आ रहे थे। पूछने पर बाबा एकदम तपाक से बोले, भैया पिछले तीस सालों में मैने चुनावों में इतनी भीड़ कभी नहीं देखी थी। लगता है इस बार लोग सीएए और एनआरसी से कुछ ज्यादा ही डरे हुए हैं।