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'खराब' के बाद 'अस्वस्थ' श्रेणी में पहुंची दिल्ली की हवा, 8-9 नवंबर तक हो सकती है बारिश

Wed, 06 Nov 2019 04:05 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : एएनआई/पीटीआई
दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण लगातार दूसरे दिन कम हुआ है। आज दिल्ली की हवा 'बहुत खराब' से निकलकर 'खराब' स्थिति में पहुंच गई और दिन चढ़ते-चढ़ते सूचकांक अस्वस्थ श्रेणी में पहुंच गया, जो एक अच्छा संकेत है। जहां रविवार को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर तीन सालों में सबसे खतरनाक स्थिति में पहुंच गया था और ईपीसीए को हेल्थ इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी थी। वहीं आज दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा मेें सुधार हुआ है। आज से बच्चों के स्कूल भी खुल गए और वह मास्क लगाकर कक्षाओं में पहुंचे। आगे पढ़िए कैसी रहेगी आने वाले दिनों में प्रदूषण की स्थिति और कब होगी बारिश...
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- फोटो : पीटीआई
दिल्ली-एनसीआर की सुबह आज खराब(पुअर) हवा के साथ हुई जो दिन चढ़ने के साथ अस्वस्थ(अनहेल्दी) स्तर पर पहुंच गई है जो यहां के बाशिंदों के लिए अच्छी खबर है। प्रदूषण मॉनिटर के आंकड़े बताते हैं कि जहां आज सुबह 6:30 बजे लोधी रोड पर पीएम 2.5 279 आंका गया और पीएम 10 का स्तर 250 दर्ज किया गया। दिन चढ़ते-चढ़ते इसमें भी बदलाव दिखने लगा।
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छुट्टी के बाद स्कूल जाते बच्चे - फोटो : एएनआई
दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों में से एक दर्ज किए जाने वाले आनंद विहार में बुधवार को वायु गुणवत्ता 194 पर दर्ज की गई जो अस्वस्थ की श्रेणी में आता है। वहीं दिलशाद गार्डन में 148 के स्तर पर वायु गुणवत्ता रही जो मध्यम श्रेणी में आता है। इससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, हालांकि स्थिति अब भी उतनी बेहतर नहीं है।

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- फोटो : एएनआई
हवा की गुणवत्ता में सुधार, मंगलवार को 324 पर पहुंचा सूचकांक
दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी सुधार देखा गया। बीते 24 घंटो में 63 अंकों की गिरावट के साथ हवा की गुणवत्ता गंभीर से बहुत खराब स्तर पर पहुंच गई। दूसरी तरफ गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम समेत एनसीआर के अन्य शहरों की हवा की गुणवत्ता में भी तेजी से सुधार आया है। सभी शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्तर पर रहा।
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- फोटो : एएनआई
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्ट रिसर्च (सफर) का कहना है कि बाउंड्री लेयर पर चलने वाली हवाओं की चाल करीब 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। इससे दिल्ली-एनसीआर में छाई स्मॉग की चादर तेजी से छंटी है। हालांकि, बीते 24 घंटों में पराली जलाने के मामले इस सीजन में सबसे ज्यादा करीब 5000 रिकार्ड किए गए।
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- फोटो : एएनआई
वहीं, हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी होने से हवा इन्हीं इलाकों से होकर दिल्ली पहुंची। लेकिन हवा की तेज चाल से दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 12 फीसदी ही रहा।उधर, सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि देर रात सतह पर चलने वाली हवाएं धीमी होंगी। 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं से बुधवार तड़के वायु गुणवत्ता सूचकांक दोबारा गंभीर स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि मौसम विज्ञानियों का पूर्वानुमान है कि आठ और नौ नवंबर को बारिश हो सकती है।
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- फोटो : पीटीआई
दिल्ली-एसीआर को वायु गुणवत्ता सूचकांक:
दिल्ली: 324
गाजियाबाद: 346
नोएडा: 351
ग्रेटर नोएडा: 340
फरीदाबाद: 300
गुरूग्राम: 316
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- फोटो : ani
सिसोदिया ने सम- विषम फार्मूले का बताया हिट
दिल्ली के सम- विषम फार्मूले को हिट बताते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि योजना का दूसरा दिन भी बहुत सफल रहा है। सोमवार की तुलना में मंगलवार को हवा की गुणवत्ता ज्यादा बेहतर रही। करीब तीन बजे पूरी दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 58 था, जबकि पीएम10 भी 139 पहुंच गया। सिसोदिया ने कहा कि मंगलवार के आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली पर धुंध का संकट तकरीबन खत्म हो चुका है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के वैज्ञानिक फिर भी हालात पर नजर रखे हुए हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भी उम्मीद जगी है कि हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आएगी। सिसोदिया ने बताया कि दिल्लीवाले सम- विषम फार्मूले के समर्थन में हैं। मंगलवार दोपहर तक सिर्फ 384 चालान कटे।
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