demo pic
जांच में पता चला कि मनीष के पास बीएएमएस की डिग्री है, लेकिन वह खुद को एमबीबीएस बताता था। वह दिल्ली, चंडीगढ़ और पंजाब के कई कार डीलरों को नकली डिमांड ड्राफ्ट देकर लग्जरी गाड़ियां खरीद चुका है। सितंबर 2008 में मुंबई पुलिस ने फर्जीवाड़े में मनीष और उसके पिता को गिरफ्तार किया था।
दोनों आरोपी नकली डिमांड ड्राफ्ट देकर हौजखास और रोहिणी के ज्वेलरों से लाखों की ठगी कर चुके हैं। जेल से निकलने के बाद दोनों फिर कार डीलरों से ठगी करने लगे। उन्होंने पटेल नगर के फर्जी पते पर दो सिम खरीदे और उनसे कार डीलरों के साथ ठगी की। पुलिस ने बताया कि आरोपी पर हौजखास, चंडीगढ़, गोवा में फर्जीवाड़े के मामले दर्ज है। चेक बाउंस के कई मामले में वह भगोड़ा करार है।