fake call
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पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि शैगी ने 16 साल की उम्र में ही कॉल सेंटर एक्सपर्ट जगदीश कनानी से कॉल सेंटर के गुर सीख लिए थे। जगदीश भी इस तरह के फ्रॉड का आरोपी रहा है। शैगी बहुत ही कम समय में इस काले कारोबार का बड़ा नाम हो गया। देखते ही देखते उसने मुंबई, अहमदाबाद, गुरुग्राम, ठाणे, दिल्ली, नोएडा में अपने पैर जमा लिए और अपने लोगों के माध्यम से उसके निर्देशन में कॉल सेंटर चलने लगे। इस दौरान शैगी का महाराष्ट्र में करोड़ों रुपये के कॉल सेंटर स्कैम में भी नाम आया और वर्ष 2016 में ठाणे पुलिस ने उसे उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह दुबई से मुंबई पहुंचा था। वह लग्जरी लाइफ व पार्टी करने का शौकीन है। उसने अपनी गर्ल फ्रैंड को ढाई करोड़ की ऑडी भी गिफ्ट की है और एक क्रिकेटर की ऑडी भी खरीद चुका है।
शैगी का नोएडा कनेक्शन
शैगी ने देशभर के सैकड़ों लोगों को अपने नेटवर्क में रखा। पिछले कुछ वर्षों से नोएडा व गुरुग्राम में कॉल सेंटर के धंधे में उतर गया। शैगी ही अमेरिकी नागरिकों का डाटा और हवाला के जरिये पैसे भिजवाने का काम कराता है। कॉल सेंटर मालिक नरेंद्र पाहुजा और जिम्मी असीजा की गिरफ्तारी के बाद और भी कई खुलासे होंगे।