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हर ओर अंधेरे और सन्नाटे से खौफजदा रहे मुसाफिर, मोबाइल और सामान रखना पड़ा गिरवी

Wed, 04 May 2016 12:07 PM IST
इमरान अली/गढ़मुक्तेश्वर
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रेल हादसे में घायल - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
दुर्घटना ग्रस्त फैजाबाद एक्सप्रेस के यात्री हर ओर सन्नाटा और अंधेरे से खौफजदा रहे। साथ ही गंतव्य तक पहुंचने में उन्हें खासी दुश्वारियां भी झेलनी पड़ी। कई ट्रेन यात्रियों को मोबाइल और सामान तक गिरवीं रखना पड़ा। वहीं, कुछ को मदद के लिए हाथ फैलाना पड़ा।
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रेल हादसे में घायल - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
इस बीच कोई सुनवाई न होने पर परेशानी से जूझ रहे यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया और हंगामा शुरू कर दिया और नेशनल हाईवे जाम करने की धमकी दी।
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हादसे के बाद बसों में बैठते लोग - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
खफा यात्रियों के तेवर देख मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों ने हाईवे से गुजर रही रोडवेज बसों को टोल प्लाजा के पास रोककर यात्रियों को रवाना किया, तब कहीं जाकर उनका गुस्सा थमा।

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दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन - फोटो : ANI
फैजाबाद एक्सप्रेस जहां दुर्घटना ग्रस्त हुई थी, वहां सन्नाटे के साथ ही अंधेरा छाया हुआ था। अंधेरे की वजह से कुछ भी सुझाई नहीं दे रहा था। ऐसे में सुनसान जगह फंसे यात्री व उनके साथ मौजूद बच्चों के माथे पर भय की लकीरें साफ दिखाई दे रही थीं।
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दुर्घटनाग्रस्त हुई फैजाबाद एक्सप्रेस - फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, हापुड़
बच्चों ने तो डर की वजह से रोना शुरू कर दिया। वहीं, गंतव्य तक पहुंचने के लिए कोई साधन भी नजर नहीं आ रहा था। आला अफसरों से भी मदद की उम्मीद नहीं दिख रही थी। इस बीच हर ओर से निराश यात्रियों का धैर्य जवाब देने लगा और हंगामा करने लगे।
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रेल हादसा - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
आक्रोशित यात्रियों ने तुरंत सुनवाई न होने पर नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी दे डाली। इस पर पुलिस अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। यात्रियों के तेवर देख डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय, इंस्पेक्टर समरजीत सिंह, अखिलेश कुमार, एसओ एनके शर्मा, विजय बहादुर, एसएसआई हरपाल सिंह व ब्रजघाट चौकी इंचार्ज बलवीर सिंह ने हाईवे से होकर निकल रहीं रोडवेज बसों को टोल प्लाजा के पास रोककर दुर्घटना के बाद फंसे यात्रियों को बैठाकर गंतव्य के लिए रवाना किया।
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रेल हादसा - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
इंस्पेक्टर समरजीत ने एक महिला यात्री अर्चना का दुखड़ा सुनकर अपनी जेब से एक हजार रुपये की मदद भी की। उधर, ब्रजघाट गंगा पुल पार कर गजरौला पहुंचते ही रोडवेज बसों का पहिया थम गया। बस कंडक्टरों ने यात्रियों का टिकट बनाना शुरू कर दिया।

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डेमो पिक - फोटो : PTI
इस दौरान जिन यात्रियों की जेब में पैसा था, उन्होंने तो टिकट ले लिया। पर जिनकी जेब खाली थी, उन्हें जबरन सुनसान स्थान पर उतार दिया गया। जेब खाली होने पर कई यात्रियों को अपने मोबाइल और अन्य सामान गिरवीं रखकर किराए का जुगाड़ करना पड़ा।

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ट्रैक से दुर्घटनाग्रस्ट ट्रेन को हटाते कर्मचारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
कुछ यात्रियों को मदद के लिए दूसरों के सामने हाथ फैलाने के लिए मजबूर होना पड़ा। फैजाबाद के कलीम खान, विवेक कुमार, बस्ती के मेंहदी हसन, लखनऊ के सुनील सिंह, जयपाल, हरकेश की माने तो उनके पास पैसा न होने पर कंडक्टर ने गजरौला में बस से नीचे उतार दिया।
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- फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, हापुड़
 ऐसे में उन्हें अपना मोबाइल आदि गिरवीं रखकर किराए का बंदोबस्त करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने साथ के लोगों से मांगकर किराया भरा। साथ ही बस कंडक्टर की संवेदनहीनता को कोसा।
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