भारतीय गौ क्रांति मंच की ओर से रविवार को रामलीला मैदान में आयोजित रैली जंतर-मंतर पहुंचने पर आंदोलन में तब्दील हो गई। गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करते हुए गोपाल मणि महाराज पांच लोगों के साथ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए।
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Gomata Rally At Jantar Mantar
- फोटो : Amar Ujala
गोपाल मणि महाराज ने ऐलान किया कि केंद्र सरकार से ठोस आश्वासन मिलने से पहले उनका अनशन खत्म नहीं होगा। सरकार ने अगर देर की तो आंदोलन राष्ट्रव्यापी होगा।
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इससे पहले रविवार सुबह रामलीला मैदान में गौ रैली का आयोजन किया गया। इसमें भाजपा सांसद हेमा मालिनी, कीर्ति आजाद, भाजपा उपाध्यक्ष श्याम जाजू समेत भाजपा, संघ के दूसरे पदाधिकारी व संत मौजूद थे।
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हेमा मालिनी ने कहा कि वह गौ सेवा से वर्षों से जुड़ी हैं। करीब तीन हजार गायों वाली एक गौशाला की ट्रस्टी भी हैं। गाय में उनकी अटूट आस्था व प्रेम है। गाय को सम्मान मिलना चाहिए।
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वहीं, गोपाल मणि महाराज ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग है कि केंद्र सरकार गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करेे। इसके साथ ही गौ मंत्रालय बने। रसायनिक खाद के बदले गाय के गोबर की खाद का इस्तेमाल हो और दस साल तक के बच्चों को गाय का दूध मुफ्त मिले।
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इसके अलावा गौचारण जमीन को गौवंश के लिए उपलब्ध कराई जाए और गाय के हत्यारों को कठोर दंड मिले।
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करीब 2.30 बजे रैली खत्म होने के बाद उसमें बड़ी संख्या में शामिल लोगों ने जंतर-मंतर के लिए पैदल कूच किया।
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यहां धरना देकर राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया। लेकिन शाम होते-होते धरना आंदोलन में बदल गया।
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गोपाल मणि महाराज ने देर शाम बताया कि रैली में बेशक भाजपा व संघ से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया हो, लेकिन उसमें न तो कोई केंद्र सरकार का प्रतिनिधि आया और न ही उनका कोई संदेश मिला।
लिहाजा सीता शरण, मनुष्य मित्र, प्रदीप माथुर व प्रीत के साथ हमने अनशन पर जाने का फैसला लिया है। अगर सरकार की तरफ से हमारी मांगों पर जल्द आश्वासन न मिला तो आंदोलन का विस्तार होगा।