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लॉकडाउन: सूने शहरों में बेजुबानों पर भी टूटने लगा कोरोना का कहर, भूख से तड़पकर मर गए चार बंदर

Thu, 26 Mar 2020 03:19 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

- लॉकडाउन में सूना हुआ शहर तो बेजुबानों पर भी टूटने लगा कोरोना का कहर
- पिछले कई दिनों से रेल सेवा बंद होने के बाद सूने हो गए थे रेलवे स्टेशन
- यात्रियों से छीनकर या उनके कुछ देने से ही भरता था बंदरों का पेट
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लॉकडाउन के चलते नहीं मिला खाना, फरीदाबाद में बंदरों की हुई मौत - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस का कहर अब इंसानों ही नहीं बेजुबान जानवरों पर भी पड़ने लगा है। प्रधानमंत्री की अपील पर देशभर में हुए लॉकडाउन के बाद लोग जहां घरों में कैद हो गए वहीं, बेजुबान जानवरों को खाना मिलना बंद हो गया। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर ऐसे ही भूख से तड़पकर चार बंदरों की मौत हो गई। आगे देखें तस्वीरें और पढ़ें पूरा मामला...
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लॉकडाउन के चलते नहीं मिला खाना, फरीदाबाद में बंदरों की हुई मौत - फोटो : अमर उजाला
बंदरों की मौत का पता चलने पर स्टेशन पर के पास ही रहने वाले कुछ लोगों ने उनका अंतिम संस्कार किया। इसके साथ ही स्टेशन पर जीवित बचे बंदरों को खाने का सामान भी दिया। आम दिनों के दौरान फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर काफी बंदर रहते हैं। यात्रियों और स्टेशन के वेंडरों द्वारा दिए गए खाने के सामान के भरोसे ही इन बंदरों का पेट भरता है।
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बंदरों को केले देता एक शख्स - फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण के खौफ और लॉकडाउन के साथ ही पिछले दिनों से देश भर में रेल सेवा ठप होने के बाद रेलवे स्टेशन सूना पड़ा हुआ था। ऐसे में इन बंदरों को कुछ खाने को नहीं मिल पाया। यात्रियों के अलावा कुछ धार्मिक प्रवृति के लोग भी सप्ताह में एक या दो दिन बंदरों को चना-केला खिलाने स्टेशन जाते थे, मगर अब वह भी घरों में लॉक हैं। ऐसे में जनता कर्फ्यू वाले दिन यानी रविवार से स्टेशन पर मौजूद बंदरों को खाने के लिए कुछ नहीं मिल पाया। 

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बंदरों को केले देते लोग - फोटो : अमर उजाला
स्टेशन के पास ही रहने वाले संजय नामक युवक ने बताया कि रेल सेवा बंद होने से स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है। इसी कारण बंदरों को कुछ खाने को नहीं मिल सका। उन्हें जब भूख से बंदरों की मौत का पता चला तो वह अपने साथियों कबीर कुरैशी, कन्हैया, बाबू और शाहरुख के साथ स्टेशन पहुंचे। वहां मृत पड़े बंदरों का अंतिम संस्कार किया गया।
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आगरा लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
बाबू ने बताया कि स्टेशन पर बाकी बंदरों की हालत भी काफी खराब है। वह काफी दयनीय हालत में हैं। बंदरों की दयनीय हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल ही केले खाने को दिए। इसके अलावा वहां करीब बीस दर्जन केले भी स्टेशन परिसर में जगह-जगह रखवा दिए।
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