आसाराम
- फोटो : SELF
2012 में हुए निर्भया गैंगरेप पर आसाराम ने जब अपने विचार रखे तो उनकी काफी आलोचना हुई थी। उन्होंने कहा था- 'लड़की एक का हाथ पकड़ती और कहती कि तेरे को तो भाई मानती हूं, दो को बोलती भईया मैं अबला हूं, तुम मेरे भाई हो, धर्म के भाई हो, भगवान का नाम लेकर हाथ पकड़ती, पैर पकड़ती तो इतना दुराचार नहीं होता। गलती एक तरफ से नहीं होती है। क्या ताली एक हाथ से बज सकती है? उन्होंने यह भी कहा था, 'क्या उसने (पीड़िता ने) सरस्वती मंत्र का जाप किया, पुरुष मित्र के साथ सिनेमा देखने के बाद उसे किसी बस में सवार नहीं होना चाहिए था।'