balraj bhati
- फोटो : राजन राय
कारबाइन व एके-47 से हो सकता था बड़ा कांड बलराज भाटी और उसके साथियों के पास कार में कारबाइन और बैग में एके-47 थी। भागते वक्त बदमाशों को कार से कारबाइन लेने का समय नहीं मिला। न ही उन्हें बैग से एके-47 निकालने का मौका मिला। पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने जिस तरह अंधाधुंध फायरिंग की थी, अगर उसमें कारबाइन या एके-47 का इस्तेमाल होता तो बड़ा नरसंहार हो सकता था। इतना ही नहीं, जिस अहाते में एसटीएफ ने बलराज को घेरा था, वहां बीकानेर रेस्तरां का किचन चलता था। इसलिए वहां काफी संख्या में भरे हुए गैस सिलेंडर रखे थे। अगर गोलियों से सिलेंडरों में विस्फोट होता तो भी कई की जान जा सकती थी। पुलिस के अनुसार मौके से दो बदमाश जो बैग लेकर भागे हैं, उसमें एके-47 होने की सूचना है।