मृतकों के परिजन
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हाथ छुड़ाकर चला गया : हरकिशोर
पढ़ने के लिए घर से नोएडा आया था, लेकिन जिंदगी भर के लिए छोड़कर चला गया, घर में सब इंतजार कर रहे थे कि त्यौहार में घर आएगा लेकिन दुख दे गया। यह दर्द हैं बदायूं के इस्लामनगर, मोहल्ला बामनपुरी निवासी हरकिशोर का। सफदरजंग अस्पताल में यमुना में डूबे ललित का शव लेने पहुंचे पिता हरकिशोर ने कहा कि सोचा नहीं था कि बेटे को ऐसे घर लेकर जाना पड़ेगा। चार भाईयों में मंझला था ललित। नौंवी कक्षा में पढ़ रहा था, पढ़ने में तेज था, सोचा था पढ़कर-लिखकर कुछ बन जाएगा। घर से दूर नोएडा में पढ़ाई कर रहा था। समझदार था, फिर पता नहीं कैसे इतनी बड़ी गलती कर गया।