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देश लाठियां, गोलियां, चीखें व नुकसान गिन रहा है और वो दोनों जो चाहते थे वही हो रहा है: विश्वास

Fri, 20 Dec 2019 10:28 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ गुरुवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना सहित करीब 12 राज्यों में उग्र विरोध-प्रदर्शन हुआ। वामदलों सहित विभिन्न संगठनों द्वारा आयोजित देशव्यापी बंद के बीच लखनऊ में उग्र भीड़ ने दो पुलिस बूथ फूंक दिए और मीडिया वाहन को आग लगा दी। प्रदर्शन के दौरान लखनऊ में एक और कर्नाटक के मंगलूरू में दो युवकों की मौत हो गई।
दिल्ली में लाल किला, मंडी हाउस, जंतर मंतर व जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसके चलते दिल्ली सहित पूरे एनसीआर को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। ब्लू, येलो, वॉयलेट व मेजेंटा लाइन के 19 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया, जिन्हें रात आठ बजे खोला गया। इस पूरे मामले पर समाज के कई वर्गों के लोग अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं इनमें से ही एक कवि और नेता कुमार विश्वास हैं। उन्होंने कुछ ट्वीट्स के जरिए केंद्र की नीतियों पर परोक्ष रूप से हमला बोला है। आगे जानिए क्या बोले कुमार विश्वास...
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- फोटो : सोशल मीडिया
कुमार विश्वास ने अपने ट्वीट में लिखा, 'देश लाठियां, गोलियां, गोले, आंसू, जख्म, चीखें और नुकसान गिन रहा है पर जिन्होंने ये आग लगाई-भड़काई-फैलाई व पहुंचाई है वे सारे बस सीटें और वोट गिन रहे हैं! जो वो दोनों चाहते थे और चाहते हैं, वही हो रहा है! राजघाट पर कोई खामोश रो रहा है ! भारत को सिर्फ भारत बचा सकता है।'

 
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kumar vishwas - फोटो : ट्विटर
वहीं कुमार विश्वास ने एक और ट्वीट कुछ दिन पहले किया था, जिसमें लिखा है, शोर के बीच ये मेरी चुप्पी, सुनके मैं खुद ही चौंक जाता हूं! सच तो होता नहीं बर्दाश्त तुम्हें, झूठ मैं बोल नहीं पाता हूं...!

 

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कुमार विश्वास - फोटो : कुमार विश्वास के ट्विटर से
विश्वास ने एक और ट्वीट करते हुए समाज के तानेबाने को इस समय जो नुकसान पहुंच रहा है उस पर लिखा है। उन्होंने लिखा, 'लुटे सियासत की मंडी में और झूठी रुसवाई में, जाने कितना वक्त लगेगा रिश्तों की तुरपाई में...!'

 
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कुमार विश्वास - फोटो : ट्विटर
गौरतलब है कि गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में प्रदर्शन के वक्त सीएए के मुद्दे पर यूएन की निगरानी में जनमत संग्रह कराने की बात कही थी, जो कई लोगों को अच्छी नहीं लगी। इसी पर कुमार विश्वास ने भी अपनी नाराजगी जताई थी। उन्होंने ट्वीट किया, 'भारत के आंतरिक मामले में यूएन? राजनीतिक विरोध-विद्वेष सब ठीक है दीदी, जमकर करिए, जोरदार करिए, सब साथ आएंगे, पर देश के आंतरिक मतभेद में विदेशी पंच बुलाने की बात बेहद घटिया और खेदजनक है। यहीं लड़िए..जीतिए..कानून बनाइए, बदलिए। बाकी यूएन या किसी भी विदेशी पंच की ऐसी की तैसी।'

 
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