'हम कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं, सर'। राम आसरे ने शुक्रवार सुबह बीबीसी को बुलंदशहर से फोन पर बताया। हमारा अगला सवाल था, 'इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के आखिरी पलों में क्या हुआ था?' जवाब मिला, 'हम ये नहीं कह सकते सर क्योंकि आखिरी समय पर हम वहां मौजूद नहीं थे।' इसके बाद स्याना पुलिस थाने के एसएचओ सुबोध कुमार सिंह के आधिकारिक ड्राइवर राम आसरे ने इस बात की पुष्टि की कि, वे कानपुर के रहने वाले हैं और डेढ़ साल से स्याना कोतवाली में पोस्टेड हैं।