साइबर सिटी के 54 वर्षीय पर्वतारोही अंकुर बहल भले एवरेस्ट फतह में कामयाब नहीं हुए हों, लेकिन नेपाल में भूकंप के बाद बर्बादी के बीच जिंदगी की जंग जीतने में कामयाब रहे हैं। अब वे नेपाल के लुकला शहर में पहुंच गए हैं। हालांकि नेपाल में हो रही बारिश उनके वतन लौटने में बाधा पैदा कर रही है। इससे लुकला के तेंजिंग हिलेरी हवाई अड्डे से हवाई सेवाएं ठप हैं।
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इस युवा ने देखा 20 हजार फीट की ऊंचाई पर सबकुछ कांपते हुए
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बुधवार दोपहर करीब एक बजे अंकुर ने पत्नी संगीता बहल को फोन का अपनी खैरियत और वहां के हालात बताए। पर्वतारोही संगीता बताती हैं कि टीवी और सोशल साइट्स पर हिमालय व नेपाल के वीडियो देखकर दिल दहल रहा है। बात होने के बाद थोड़ी राहत तो है, लेकिन उनके घर लौटने तक बेचैनी बनी रहेगी।
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इस युवा ने देखा 20 हजार फीट की ऊंचाई पर सबकुछ कांपते हुए
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बकौल संगीता, शनिवार को भूकंप वाले दिन अंकुर पांच सदस्यीय टीम के साथ करीब 20 हजार फुट की चढ़ाई के लिए कैंप-1 से निकलकर कैंप-2 गए थे। तभी भूकंप से पहाड़ हिलने लगा। अचानक बेस कैंप-2 से थोड़ी दूर पर हिमस्खलन दिखाई दिया। जो जहां था, वहीं थोड़ी देर के लिए रुक गया। फिर टीम लीडर ने आगे बढ़ने को कहा।
इस युवा ने देखा 20 हजार फीट की ऊंचाई पर सबकुछ कांपते हुए
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अंकुर ने नेपाल से फोन पर बताया कि धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे, लेकिन कुछ आगे जाकर लगा कि फंस रहे हैं। चढ़ाई से जान बच गई। हिमालय हिलना बंद हुआ, तो वे लोग किसी तरह कैंप-1 में पहुंचे। पहाड़ दूसरी तरफ टूटकर गिर रहे थे। कैंप-1 से नीचे जाने का कोई रास्ता नहीं था। वहां अलग-अलग ग्रुप के 64 लोग थे।