बरेली जिले के कटघर इलाके से गिरफ्तार इनामुल हक और उसके दोस्त एटीएस जम्मू-कश्मीर के सलमान वानी के सोशल मीडिया पर चल रहे अलग-अलग एकाउंट की छानबीन के दौरान एटीएस ने पता लगाया है कि एक मुहिम कश्मीरी छात्रों को मदरसों और तकनीकी संस्थानों में दाखिला दिलाने की भी चल रही थी।
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Inamul haq
- फोटो : अमर उजाला।
इनमें कई कश्मीरियों की गतिविधियां संदिग्ध मिली हैं जिसके बाद माना जा रहा है कि वे पश्चिमी यूपी के जिलों में पढ़ाई के साथ जेहाद की जमीन तैयार करने का दोहरा उद्देश्य पूरा कर रहे थे। इसके बाद कश्मीरी छात्रों का ब्योरा जुटाने के साथ एटीएस ने उनकी गतिविधियों के बारे में भी पड़ताल शुरू कर दी है।
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- फोटो : अमर उजाला।
बरेली में भी निगाह में आए कई कश्मीरी
एटीएस ने अपनी छानबीन के दौरान बरेली में भी कई कश्मीरी छात्रों को चिन्हित किया है। इनमें एक आसिफ नाम का छात्र है जो यहां एक मेडिकल कॉलेज से रेडियो डायग्नोसिस का कोर्स कर रहा है। उसने अप्रैल में यहां दाखिला लिया था। बताया गया है कि कुछ समय पहले ही वह अपने घर चला गया था। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के पुंछ और कुलगाम के दो छात्र भी शहर की एक दरगाह के मदरसे में तालीम ले रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला।
एटीएस ने तलाशा इनामुल का तीसरा फेसबुक एकाउंट
एटीएस को इनामुल का तीसरा फेसबुक एकाउंट तलाश करने में भी कामयाबी मिली है। हालांकि इस एकाउंट में सिर्फ 16 लोग जुड़े हैं जिनमें अधिकतर बरेली के हैं। इनामुल के इस एकाउंट की भी पड़ताल की जा रही है।
पढ़ाई के लिए बागपत कश्मीरियों की पसंद
एटीएस सूत्रों के मुताबिक बागपत के इंस्टीट्यूट में कई कश्मीरी युवक दाखिला ले चुके हैं। जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार सलमान वानी ने बागपत के जिस इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया था, उसमें उससे पहले भी कई कश्मीरी दाखिला ले चुके हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर के रामबन के जहांगीर अहमद को भी एटीएस ने संदिग्ध के तौर पर चिन्हित किया है। रामबन का ही एक वॉलीबाल खिलाड़ी भी इसी इंस्टीट्यूट में है जबकि अरशद नरमा नाम का कश्मीरी पढ़ाई पूरी कर कश्मीर लौट चुका है। बागपत और उसका यह इंस्टीट्यूट भी एजेंसियों के रडार पर है।