बरेली जिले के कटघर इलाके से गिरफ्तार इनामुल हक और उसके दोस्त एटीएस जम्मू-कश्मीर के सलमान वानी के सोशल मीडिया पर चल रहे अलग-अलग एकाउंट की छानबीन के दौरान एटीएस ने पता लगाया है कि एक मुहिम कश्मीरी छात्रों को मदरसों और तकनीकी संस्थानों में दाखिला दिलाने की भी चल रही थी।
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Inamul haq
- फोटो : अमर उजाला।
इनमें कई कश्मीरियों की गतिविधियां संदिग्ध मिली हैं जिसके बाद माना जा रहा है कि वे पश्चिमी यूपी के जिलों में पढ़ाई के साथ जेहाद की जमीन तैयार करने का दोहरा उद्देश्य पूरा कर रहे थे। इसके बाद कश्मीरी छात्रों का ब्योरा जुटाने के साथ एटीएस ने उनकी गतिविधियों के बारे में भी पड़ताल शुरू कर दी है।
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- फोटो : अमर उजाला।
सलमान वानी ने बागपत के एक इंस्टीट्यूट में खुद दाखिला लेने के बाद कश्मीर के कई और छात्रों का भी दाखिला कराया था। एटीएस को इनपुट मिला है कि दाखिला लेने का मकसद पढ़ाई कम, हॉस्टल में रहकर अपने कश्मीर के आकाओं के हुक्म के मुताबिक मुस्लिम युवाओं को जेहाद के लिए प्रेरित करना ज्यादा था।
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- फोटो : अमर उजाला
एटीएस अब पूरे प्रदेश में कश्मीरी छात्रों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। ऐसे कश्मीरी युवाओं पर ज्यादा पैनी नजर है जो सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में सरकार और मीडिया पर सवाल उठाकर मुस्लिम युवाओं को भड़काने में जुटे हुए हैं। ऐसे कश्मीरी युवा भी इनमें शामिल हैं जिनका जल्दी-जल्दी कश्मीर से आना-जाना रहा है।
एटीएस सूत्रों का कहना है कि अगर छानबीन में यह पुष्टि हुई कि ये छात्र पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि और किसी मकसद से यहां आए थे तो उनके खिलाफ कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जाएगा। शहर में दूसरे कामों से आए कश्मीरियों के बारे में भी जानकारी इकट्ठी की जा रही है।