बरेली से अलकायदा एजेंट इनामुल की गिरफ्तारी के बाद छानबीन आगे बढ़ने के साथ हैरत में डालने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। अब तक हासिल सूचनाओं के आधार पर एटीएस के सूत्र दावा कर रहे हैं कि कश्मीर में आतंक पर लगाम लगने के बाद इनामुल और सलमान वानी जैसे तमाम युवाओं को देश के तमाम हिस्सों में आतंक का नेटवर्क फैलाने के लिए लगाया गया था।
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Inamul haq
- फोटो : अमर उजाला।
नेता किस्म के तमाम लोगों के साथ पत्रकारिता से जुड़े लोगों से भी यह जेहादी टोली नजदीकियां बढ़ाने में लगी थी। उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों पर उनका खास फोकस था। वानी ने बागपत के जिस इंस्टीट्यूट में खुद एडमिशन लिया था, उसी में कश्मीर के कई और युवाओं को दाखिला दिलाया था।
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Inamul haq
- फोटो : अमर उजाला।
एटीएस के लखनऊ मुख्यालय में इनामुल और कश्मीर से लाए सलमान खुर्शीद वानी से पूछताछ की जा रही है। एटीएस के साथ कई और एजेंसियां इसके साथ इन दोनों की आईडी और मोबाइल से आतंकी गतिविधियों के अलावा उनके साथियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।
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इनामुल हक
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि इनामुल की फोटो मीडिया में आने के बाद शहर के लोगों ने उसे और उससे जुडे़ लोगों से किनारा करना शुरू कर दिया है। जम्मू के रामबन से गिरफ्तार इनामुल के साथी सलमान वानी ने भी अपनी जेहादी सोच से तमाम लोगों को प्रभावित कर रखा था और लगातार उनके संपर्क में बना हुआ था। इनामुल और सलमान वानी के सोशल अकाउंट पर उनकी जेहादी सोच साफ झलकती है।
इनामुल ने खुले तौर पर अपनी आईडी पर अलकायदा का झंडा लगा रखा था। वानी की गतिविधियां भी संदिग्ध थीं। सलमान वानी ने बागपत के जिस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लिया था वहां उसने कश्मीर के कई और संदिग्ध युवकों को भी एडमिशन दिलाया था। इन युवकों में एक अनंतनाग का आबिद भी है जिसे वानी ने इसी साल जनवरी महीने में बागपत में एडमिशन दिलाया था। आबिद वानी का काफी नजदीकी बताया जा रहा है।