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तीसरे दिन भी जारी है AIIMS के 1800 डॉक्टरों की हड़ताल, सेवाएं ठप और मरीज परेशान

Sat, 28 Apr 2018 12:38 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
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aiims doctors strike - फोटो : अमर उजाला
देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स में शनिवार को डॉक्टरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है। इसके कारण हजारों मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
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aiims doctors strike - फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरे दिन स्थिति यह रही थी कि जिन मरीजों को पहले से ऑपरेशन की तारीख दी हुई थी, उन्हें भी निराश होकर वापस जाना पड़ा, जबकि आंखों के लिए मरीजों को चार-चार घंटे तक इंतजार के बावजूद उपचार नहीं मिला। उधर, आरोपी डॉक्टर को अनिश्चितकालीन के लिए अवकाश पर भेज दिया गया है।
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aiims doctors strike - फोटो : अमर उजाला
वहीं रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को उपचार मिलना जरूरी है, लेकिन उनके साथ अन्याय होना भी गलत है। एम्स आरडीए अध्यक्ष डॉ. हरजीत सिंह भट्टी ने कहा कि जब तक एम्स के डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्रविज्ञान केंद्र (आरपी सेंटर) के प्रमुख डॉ. अतुल कुमार को हटाया नहीं जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

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aiims doctors strike - फोटो : अमर उजाला
25 अप्रैल को एम्स के आरपी सेंटर में तैनात सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर विनीत ने निदेशक को शिकायत दी थी कि आरपी सेंटर प्रमुख डॉ. अतुल कुमार ने उनके साथ गलत व्यवहार किया और तमाचा मारा।
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aiims doctors strike - फोटो : अमर उजाला
इस घटना को लेकर बृहस्पतिवार को दिनभर एम्स के करीब 1800 रेजीडेंट डॉक्टर प्रदर्शन करते रहे। देर शाम तक जब उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी।
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aiims doctors strike - फोटो : अमर उजाला
राजनीति की चर्चाएं भी उठने लगीं  एम्स में थप्पड़ कांड धीरे-धीरे राजनीति की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को दिनभर जहां एम्स परिसर में मरीजों को उपचार के लिए भटकता देखा गया, वहीं डॉक्टर भी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी में व्यस्त थे। इसी बीच राजनीति की चर्चाएं भी जोरों से उठने लगीं। जानकारों की मानें तो इस पूरे मामले में एम्स खासतौर पर आरपी सेंटर के कई सीनियर डॉक्टर मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। कहा ये भी जा रहा है कि सेंटर का प्रमुख बनने की चाहत में कुछ सीनियर डॉक्टर जूनियर्स को भड़काकर पूरे मामले को गर्म बनाना चाहते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस बारे में एम्स प्रबंधन तक को जानकारी मिल चुकी है। वहीं कुछ रेजीडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि एक सीनियर डॉक्टर के नेताओं से अच्छे संबंध होने का फायदा उठाया जा रहा है।
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350 ऑपरेशन और परीक्षाएं टलीं
एम्स में हड़ताल की वजह से छोटे और बड़े मिलाकर 350 से ज्यादा ऑपरेशन टालने पड़े। इतना ही नहीं डॉक्टरों का सख्त रुख देखते हुए एम्स प्रबंधन को कुछ परीक्षाएं भी अनिश्चितकालीन के लिए आगे बढ़ानी पड़ गई हैं। तमाम तरह की मेडिकल जांच सुविधाएं भी ठप पड़ गईं। हालांकि इस बीच कुछ गंभीर मरीजों का ऑपरेशन एम्स के इमरजेंसी वार्ड में किया गया, इनमें ज्यादातर सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीज शामिल थे। सूत्रों की मानें तो प्रसूति विभाग में बृहस्पतिवार रात को सीनियर डॉक्टरों ने छह महिलाओं की प्रसूति कराई थी।

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नहीं जानते कब खत्म होगी हड़ताल
हड़ताल और इसकी वजह से मरीजों के टाले गए ऑपरेशन का सिलसिला कब तक जारी रहेगा, इस सवाल पर एम्स प्रबंधन ने स्पष्ट जवाब दिया है कि हड़ताली डॉक्टरों से बार-बार सेवा पर लौटने की अपील की जा रही है, लेकिन वे कब तक हड़ताल खत्म करेंगे, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

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दावे के बावजूद नहीं मिला इलाज
इन सब के बीच एम्स प्रबंधन शुक्रवार को दिनभर हड़ताल के बावजूद इमरजेंसी स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा करता रहा, लेकिन हकीकत में गायिनी सहित कुछ विभागों की ओपीडी को छोड़कर अन्य कहीं भी डॉक्टर इलाज करते नहीं मिले। बिहार के आरा जिले से आए मनमोहन वर्मा ने बताया कि वे अपनी बच्ची को लेकर यहां आए थे। उनकी 14 वर्षीय बेटी की आंखों का ऑपरेशन होना था। पिछले आठ महीने से उन्हें ऑपरेशन की डेट आगे बढ़ाई जा रही है। 25 दिन पहले ही उन्हें 27 अप्रैल की डेट मिली थी। काफी दिक्कतों का सामना करने के बाद वे एम्स पहुंचे तो उन्हें हड़ताल का पता चला।

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पांच सदस्यीय कमेटी ने शुरू की जांच
हड़ताल के दूसरे दिन एम्स प्रबंधन द्वारा बनाई गई पांच सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। दिनभर एक बंद कमरे में बैठकर कमेटी ने पीड़ित रेजीडेंट डॉक्टर से पूछताछ की। साथ ही घटना के वक्त मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों को भी कमेटी ने पूछताछ के लिए बुलाया। एम्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रबंधन ने कमेटी से जल्द ही रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

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राष्ट्रपति को पत्र लिखा, पद्मश्री अवॉर्ड वापस लेने की मांग
एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर डॉ. अतुल कुमार से पद्मश्री अवॉर्ड वापस लेने की मांग की है। एम्स आरडीए का कहना है कि जिस डॉक्टर के खिलाफ इस तरह की स्थिति देखने को मिले, वह देश के सर्वोच्च पुरस्कारों में से एक पद्मश्री रखने का अधिकार नहीं रखते। उन्होंने इसके साथ डॉ. बीसी राय खिताब भी वापस लेने की मांग की है। वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने डॉ. अतुल कुमार को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पद्मश्री अवॉर्ड दिया था। इसके कुछ समय बाद उन्हें डॉ. बीसी राय नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
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दो दिन में बर्खास्तगी नहीं तो सभी अस्पतालों में हड़ताल
दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों ने हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (फोरडा) के अध्यक्ष डॉ. विवेक चोकसे ने कहा कि एम्स के डॉक्टरों के साथ गलत व्यवहार हुआ है। आरोपी सीनियर डॉक्टर को अगले दो दिन के भीतर तत्काल बर्खास्त नहीं किया गया, तो दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में हड़ताल की जाएगी।
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