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रात भर एडमिरल सुशील कुमार की बाट जोहता रहा 'ओवी', हर आहट पर दरवाजे पर पहुंच हुआ मायूस

Fri, 29 Nov 2019 10:22 AM IST
पूजा त्रिपाठी लाल सिंह, अमर उजाला, नोएडा
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एडमिरल सुशील कुमार का डॉगी ओवी - फोटो : लाल सिंह
पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल सुशील कुमार का लंबी बीमारी के बाद 27 नवंबर को निधन हो गया। वह 1998 से 2000 के बीच भारतीय नौसेना के प्रमुख रहे थे। पूर्व एडमिरल सुशील कुमार ने 1965 व 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध भी लड़ा था। वे गोवा मुक्ति संग्राम में भी शामिल रहे। उनके रणकौशल को देखते हुए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल से नवाजा गया था।

 उनके निधन के बाद न सिर्फ उनके नाते-रिश्तेदार व देश की सेनाएं में शोक व्याप्त है बल्कि उनके प्यारे डॉगी ओवी की दुनिया जैसे थम सी गई है। वह हर आहट पर बस उनके आने की बाट जोह रहा है, आगे जानिए क्या है उसका हाल और एडमिरल सुशील कुमार के कारनामे.....

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एडमिरल सुशील कुमार का डॉगी ओवी - फोटो : लाल सिंह
कुत्ते न सिर्फ वफादार होते हैं। वह घर के सदस्यों से जल्दी घुल मिल जाते हैं। लगाव इतना ज्यादा हो जाता है कि वह उनके आसपास ही घूमते रहते हैं। कुछ ऐसा ही सेक्टर-21 स्थित एक मकान में भी हो रहा है। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल सुशील कुमार के मकान का गेट जब-जब खुलता है तब तब उनका प्रिय डॉग ओवी आता है और दुखी मन से आंखें फेर लेता है। मानों वह सुशील कुमार की ही बाट जोह रहा हो। वहीं, इसका दर्द देखकर लोगों की भी आंखें नम हो जा रही हैं।
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एडमिरल सुशील कुमार का डॉगी ओवी - फोटो : लाल सिंह
बताया जा रहा है कि बीमार होने के बाद भी ओवी ऐसा उनका इंतजार कर रहा है। पूर्व जनरल के सेवादार रमेश चंद्र ने बताया कि सात साल पहले इसे किसी ने उपहार में दिया था। तब से यह हमेशा सुशील कुमार के साथ ही रहता था। ये उनकी आंखों का इशारा समझता था। इंसान और कुत्ते की ऐसी दोस्ती कम ही देखने को मिलती है। रमेश ने बताया कि 3 दिन पहले साहब की तबीयत ठीक थी। अस्पताल से आने वाले थे। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। ओवी भी गुमसुम है। 

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एडमिरल सुशील कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
शनिवार को होगा अंतिम संस्कार
सुशील कुमार के निधन पर बृहस्पतिवार को भी उनके आवास पर शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने सेना के अधिकारियों के अलावा उनके जानकार पहुंचे। अन्य लोग भी पूरे दिन आते जाते रहे। बेटी अनीशा यूके से बृहस्पतिवार को नोएडा पहुंच गईं। उन्होंने बताया कि पिता जी हमेशा दूसरों का ख्याल रखते थे। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 30 नवंबर को सुबह 10 बजे उनके पार्थिव शरीर को क्राइस्ट चर्च सेक्टर-29 लाया जाएगा। इसके बाद 12 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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एडमिरल सुशील कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
नौ सेना के आधुनिकीकरण में बड़ी भूमिका निभाई
पूर्व कैप्टन विकास गुप्ता ने बताया कि सुशील कुमार के निधन से सभी दुखी हैं। उन्होंने बताया कि रूस से पनडुब्बी भारत आई थी, जिसमें कुछ खामियां थीं, उसे उन्होंने छिपाया नहीं बल्कि उजागर कर दुरुस्त कराया। वह हमेशा नेवी के आधुनिकीकरण की सोचते थे। उनके कार्यकाल में नेवी को मजबूती मिली। वह हमेशा तकनीक को महत्व देते थे। कहते थे कि आने वाले समय में समुद्री युद्ध होंगे। ऐसे में भारत का मजबूत होना जरूरी है।
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एडमिरल सुशील कुमार का घर - फोटो : लाल सिंह
भारतीय नौसेना की सुरक्षा को लेकर वह सदैव तत्पर रहते थे। उन्होंने कभी भी नौसेना के आधुनिकीकरण से समझौता नहीं किया। सेक्टर-21 निवासी सोमदत्त ने बताया कि सुशील कुमार जो ठान लेते थे, उसे पूरा कर ही दम लेते थे। जब तक सब कुछ ठीक नहीं हो जाता था, वह रुकते नहीं थे। उनके निधन से सिर्फ नेवी ही नहीं थल और वायु सेना के अधिकारियों को भी दुख है।
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