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इस दबंग महिला IPS के बारे में फैलाई गई भयंकर गलतफहमी

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ये सही है कि दिल्ली के आईपी कॉलेज और जेयनयू से पढ़ी IPS ऑफीसर संजुक्ता पाराशर की सफलता प्रशंसनीय है और तारीफ होनी भी चाहिए क्योंकि महिला आईपीएस को तौर पर संजुक्ता की बहादुरी के किस्से हैरान करने वाले हैं। लेकिन मीडिया में चल रही इन खबरों में कुछ ऐसा है जो एक बड़ी गलती है।
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इस दबंग महिला IPS के बारे में फैलाई गई भयंकर गलतफहमी

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मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक संजुक्ता आसम की पहली महिला आईपीएस ऑफीसर हैं, लेकिन सच ये नहीं है।
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संजुक्ता की बहादुरी पर शक नहीं किया जा सकता, लेकिन मीडिया के शोध में कमी के चलते इस तरह की खबर चलती रही कि संजुक्ता ही असम की पहली महिला आईपीएस ऑफीसर हैं।

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ये सच है कि उग्रवादियों और आंतिकयों को धूल चटाने वाली संजुक्ता की बहादुरी सलाम करना चाहिए। वो एक ऐसी महिला आईपीएस हैं जिनकी वजह से उग्रवादियों के पसीने छूट जाते हैं।
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संजुक्ता ने दिल्ली के आईपी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद जेएनयू से भी संजुक्ता एमफिल की डिग्री पूरी की। संजुक्ता ने ऐसे कारनामे किए जो किसी को भी प्रेरित कर सकते हैं।
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एक अंग्रेजी न्यूजलेटर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक यामीन हजारिका ही असम की पहली महिला आईपीएस थी।

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इस पूरे मामले में 2012 का एक इंटरव्यू उलझन पैदा करता है जिसके मुताबिक पाराशर असम की पहली इकलौती महिला ऑफीसर थी।

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मीडिया ने इस इंटरव्यू को आधार बनाकर मान लिया कि संजुक्ता पाराशर ही असम की पहली महिला आईपीएस थीं।

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किसी ने ये जानने की कोशिश नहीं की कि एक असम से पहली महिला आईपीएस इतनी देरी में क्यों बनी।

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कोई शोध करने की कोशिश नहीं की गई और मीडिया में खबरें आम हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि संजुक्ता पाराशर असम की दूसरी महिला आईपीएस ऑफीसर भी नहीं है।

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यामीन हजारिका जो कि 1977 बैच की आईपीएस थी उनके बाद डी रानी डोले राज्य से 1986 आईपीएस बैच का हिस्सा बनीं।

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डी रानी डोले बर्मन इस वक्त उत्तरपूर्वी पुलिस एकेडमी के डाइरेक्टर के पद पर काम कर रही हैं।

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फोटो में दिख रही संजुक्ता की तरह ही यामीन हजारिका का रिश्ता भी दिल्ली से खासा मजबूत रहा है ये ये संयोग की बात ही है कि यामीन हजारिका औऱ संजुक्ता पाराशर दोनो ही आईपी कॉलेज का हिस्सा रही हैं।
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अपनी सेवा के दौरान भी यामीन लंबे समय तक दिल्ली में तैनात रहीं। हालांकि उनकी ब्लड कैंसर की वजह से 1999 में मौत हो गई जिन्हें इलाज के एम्स में भर्ती कराया गया था।
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