राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। हालांकि इसके कयास राजनीतिक गलियारों में पहले से लगाए जा रहे थे, इंतजार था तो बस दिन और वक्त का और आज वो आ गया। राघव अकेल पार्टी छोड़कर नहीं गए बल्कि अपने साथ सात सांसदों को भी भाजपा में ले गए। उन्हेंने कहा कि दो तिहाई सांसद भाजपा में शामिल होंगे। इस घटनाक्रम पर आप ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह ऑपरेशन लोटस का घिनौना खेल है। संजय सिंह ने कहा कि ये जो सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं, उनके नाम पंजाब के लोगों को याद रखना चाहिए और इन्हें आने वाले चुनाव में सबक सीखाने का काम करें। आइए जानते हैं कि इस आप से जुड़े बड़े नाम कब और क्यों अलग हुए।