फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AAP vs Raghav Chadha: विश्वास से लेकर राघव तक, कई 'आप' नेताओं की राह जुदा; आज तो दो तिहाई सांसद टूटे

Fri, 24 Apr 2026 05:08 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राघव अकेल पार्टी छोड़कर नहीं गए बल्कि अपने साथ सात सांसदों को भी भाजपा में ले गए। उन्हेंने कहा कि दो तिहाई सांसद भाजपा में शामिल होंगे। इस घटनाक्रम पर आप ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह ऑपरेशन लोटस का घिनौना खेल है। 
विज्ञापन
1 of 9
आप से जुदा हुए नेता - फोटो : अमर उजाला

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। हालांकि इसके कयास राजनीतिक गलियारों में पहले से लगाए जा रहे थे, इंतजार था तो बस दिन और वक्त का और आज वो आ गया। राघव अकेल पार्टी छोड़कर नहीं गए बल्कि अपने साथ सात सांसदों को भी भाजपा में ले गए। उन्हेंने कहा कि दो तिहाई सांसद भाजपा में शामिल होंगे। इस घटनाक्रम पर आप ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह ऑपरेशन लोटस का घिनौना खेल है। संजय सिंह ने कहा कि ये जो सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं, उनके नाम पंजाब के लोगों को याद रखना चाहिए और इन्हें आने वाले चुनाव में सबक सीखाने का काम करें। आइए जानते हैं कि इस आप से जुड़े बड़े नाम कब और क्यों अलग हुए। 
विज्ञापन

2 of 9
आप के पूर्व सहयोगी प्रशांत भूषण - फोटो : अमर उजाला
प्रशांत भूषण
प्रशांत भूषण भी आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं में से एक थे लेकिन उन्होंने भी आम आदमी पार्टी के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए थे और कहा था कि पार्टी एक व्यक्ति केंद्रित है। प्रशांत भूषण ने कहा है कि पार्टी में आतंरिक लोकतंत्र तो है, लेकिन स्वराज नहीं है। पार्टी के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाने के साथ पार्टी फंड की जांच के लिए एथिक्स कमेटी की मांग भी की थी। प्रशांत भूषण के पिता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने आप की स्थापना के समय एक करोड़ की राशि चंदे के रूप में दी थी। हालांकि जल्द ही उनका पार्टी से मोहभंग हो गया था और वो आम आदमी पार्टी से अलग हो गए थे। 
विज्ञापन

3 of 9
शाजिया इल्मी और अरविंद केजरीवाल - फोटो : एएनआई
शाजिया इल्मी
शाजिया इल्मी ने आप में आंतरिक लोकतंत्र की कमी का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। शाजिया ने 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ी। साल 2014 में वो आप के टिकट पर गाजियाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ी थीं, लेकिन बीजेपी प्रत्याशी वीके सिंह से शिकस्त मिली। लेकिन इसके बाद उन्होंने आप छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया। 

4 of 9
अरविंद केजरीवाल और योगेंद्र यादव - फोटो : एजेंसी
योगेंद्र यादव
वहीं अगर योगेंद्र यादव की बात की जाए तो उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी का जन्म भ्रष्टाचार के खिलाफ चले एक बड़े जनांदोलन के बाद हुआ। जनता ने अन्य राजनीतिक पार्टियों की तुलना में आप में एक विकल्प देखा। आप को जो भी सफलता मिली है, वह परंपरागत राजनीति के खिलाफ जनता के मन में बैठे असंतोष के कारण थी। लेकिन अब पार्टी की कार्य करने का तरीका अन्य पार्टियों की तरह ही हो गया है। इसके बाद योगेंद्र यादव ने अपनी एक अलग राजनीतिक पार्टी स्वराज अभियान बनाई।
विज्ञापन

5 of 9
कुमार विश्वास। - फोटो : अमर उजाला
कुमार विश्वास
2012 में अन्ना आंदोलन से जुड़ने और आम आदमी पार्टी के साथ सक्रिय राजनीतिक की शुरुआत करने से पहले कुमार विश्वास की राजनीति में एंट्री की बात करें तो वह किसी खास योजना के तहत राजनीति में नहीं आए थे। पहले वह लोकपाल को लेकर किए गए अन्ना आंदोलन में जुड़े। इसमें अरविंद केजरीवाल के साथ वह बड़े नामों में शामिल थे। अन्ना आंदोलन के कुछ समय बाद 2012 में जब अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के गठन का फैसला किया तो वह उनके साथ नजर आए और आम आदमी पार्टी के जरिये राजनीति में आ गए। 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। कुमार विश्वास से जब यह पूछा गया कि क्या आपकी राजनीति पर विराम लग गया है, तो उन्होंने कहा कि नहीं... मैं झूठ नहीं कह सकता कि बच्चों की कसम खाऊं की फिर कभी नहीं जाऊंगा। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी में गलत कामों का विरोध करता था, इसलिए मुझे किनारे किया गया।
विज्ञापन

6 of 9
कपिल मिश्रा - फोटो : PTI
कपिल मिश्रा, जो अब दिल्ली सरकार में मंत्री
इसी क्रम में अगर बात करें तो कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। कपिल मिश्रा ने कहा था कि उन्होंने मुख्यमंत्री के घर पर केजरीवाल को मंत्री सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपए लेते देखा था। इसके साथ ही कपिल मिश्रा ने 400 रुपये के पानी टैंकर घोटाले में अरविंद केजरीवाल के शामिल होने का आरोप लगाया थे। इसके बाद आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे कपिल मिश्रा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था, इससे पहले उन्हें केजरीवाल की कैबिनेट से मंत्री पद से हटा दिया गया था। अब वह दिल्ली सरकार में मंत्री पद संभाल रहे हैं।
विज्ञापन

7 of 9
अरविंद केजरीवाल और स्वाति मालीवाल - फोटो : एएनआई
स्वाति मालीवाल
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की शिकायत पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के पीए बिभव कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मालीवाल ने शिकायत में कहा था कि जब वह 13 मई को सीएम आवास मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलने पहुंचीं थी तो बिभव ने उनके साथ मारपीट की। मालीवाल की शिकायत पर पुलिस ने बिभव कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया था। इस मामले के दौरान स्वाति ने पार्टी और उसके कद्दावर नेताओं पर कई आरोप लगाए थे।

8 of 9
राघव चड्ढा - फोटो : Facebook
आप और राघव के बीच कैसे बिगड़ी थी बात?
दरअसल केजरीवाल और राघव चड्ढा में दूरियां उसी दिन से नजर आने लगी थी जब केजरीवाल जेल में थे और राघव अपनी पत्नी परिनीति के साथ लंदन में घूमते व मस्ती की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे। राघव को लोकसभा चुनाव में भी पंजाब से दूर रखा गया। औपचारिक तौर पर वे श्री आनंदपुर साहब सीट पर नजर आए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे।

विपक्ष जहां इसे आप के अंदरूनी मतभेद का संकेत बता रहा है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने इसे एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया करार दिया है, जिसका मकसद अन्य सांसदों को भी जिम्मेदारी देना है।
विज्ञापन

9 of 9
राघव चड्ढा समेत सात सांसद भाजपा का दामन थामेंगे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
आज कौन-कौन गया?
संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रजीत सिंह साहनी और राजिंदर गुप्ता के अलावा दिल्ली से आप की राज्यसभा सांसद स्वाती मालिवाल के नाम पार्टी से नाता तोड़ने में शामिल हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें