मनोज वशिष्ठ के शनिवार को हुए एंकाउंटर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मनोज के खिलाफ सात धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ जांच भी चल रही थी, लेकिन मनोज के खिलाफ कोई जघन्य अपराध का मामला दर्ज नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की वो स्पेशल सेल जो आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करती हैं वो मनोज को पकड़ने के लिए क्यों पहुंची थीं।
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मनोज एंकाउंटर के 6 सवाल जिनसे घिरी पुलिस
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पुलिस ने जिस तरह की कार्रवाई की उसे देखकर और मनोज के फेसबुक प्रोफाइल को देखकर ये तो बिल्कुल भी नहीं लगता कि वो कोई छिपकर रहने वाला इंसान था। तो आखिर पुलिस ने उसका एंकाउंटर क्यों किया ये बहुत बड़ा सवाल है। मनोज की पत्नी प्रियंका का कहना है कि स्पेशल सेल उसके पति को पहले भी परेशान कर चुकी है और पैसे मांग चुकी है।
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मनोज एंकाउंटर के 6 सवाल जिनसे घिरी पुलिस
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मनोज के परिवार का कहना है कि वो एक सामाजिक कार्यकर्ता था। उसके फेसबुक प्रोफाइल को देखने पर यह पता भी चल जाएगा कि वह कितना सामाजिक व्यक्ति था। उसके फेसबुक पर जो फोटो डली हैं उनमें वो कहीं नितिन गडकरी, कहीं अखिलेश यादव तो कहीं उदित राज के साथ देखा जा सकता है। लेकिन पुलिस ने बताया कि वशिष्ठ के पास जो पिस्तौल थी उससे उसने पुलिस पर गोली चलाई जबकि पुलिस ने उसे सरेंडर करने को कहा था।
मनोज एंकाउंटर के 6 सवाल जिनसे घिरी पुलिस
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मनोज की पत्नी का कहना है कि मनोज का एंकाउंटर साजिश के तहत किया गया है। उसका कहन है कि मनओझ एंकाउंटर के 35 मिनट बाद तक जिंदा थे पर उसे मनोज से मिलने नहीं दिया गया। वो कहती है कि पुलिस अगर चाहती तो मनोज जिंदा बच जाता लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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वशिष्ठ ने आरसीएस ग्रुप के बैनर तले कई कंपनियां खोली थीं। जिनके रजिस्टर्ड ऑफिस बाराखंबा रोड और तिलक नगर में हैं। पुलिस का कहना है कि दिल्ली में मनोज के खिलाफ 4 और चंडीगढ व हरियाणा में उसके खिलाफ अन्य केस दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वो एक ठग था जिसने लोगों को फ्लैट बेचने के नाम पर ठगा था। जबकि मनोज की पत्नी का कहना है कि उसके पति देशभक्ति सेना ट्रस्ट नाम की एनजीओ चलाते थे।
मनोज की पत्नी प्रियंका ने बताया कि अदालत ने स्पेशल सेल से उन केसों की जानकारी मांगी है जिनमें वो मनोज के खिलाफ जांच कर रहे थे। प्रियंका ने भी बताया कि कोर्ट के इस सवाल पर स्पेशल सेल ने जवाब दिया था कि वो मनोज के खिलाफ किसी भी मामले में जांच नहीं कर रहे थे। तो आखिर क्यों उन्होंने शनिवार को मनोज का पीछा क्यों किया? यह सवाल ही अपने आप में बहुत बड़ा है जो दिल्ली पुलिस के एंकाउंटर पर सवाल खड़ा करता है।