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केजरीवाल और कुमार विश्वास के बीच क्यों बढ़ रही हैं दूरियां, 4 कारण

Sun, 21 May 2017 07:50 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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kejriwal kumar vishwas
वैसे तो कुमार विश्वास और केजरीवाल में दूरियों की बात कई बार सामने आ चुकी है। ये बात हर उस वक्त उठती है जब या तो वो ‌भाजपा के किसी मंत्री से मिल लेते हैं या पीएम मोदी की तारीफ कर देते हैं। लेकिन पिछले दिनों आया उनका वीडियो और 23 अप्रैल को जंतर मंतर पर तमिलनाडु के किसानों से उनकी मुलाकात काफी अलग संकेत कर रहा है। हर बार जब भी इस तरह की खबरें आती तो खुद कुमार विश्वास या तो ट्वीट कर या बयान देकर इन खबरों का खंडन करते थे। मगर पिछले कई मौकों पर उन्होंने जिस तरह साफ शब्दों में पार्टी और केजरीवाल की आलोचना की है उससे दोनों के बीच दूरियां बढ़ती नजर आ रही हैं। कयास है कि इन दोनों की दूरियों के पीछे ये कारण हो सकते हैं...
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- फोटो : amar ujala
1- पंजाब चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी न देना- पंजाब चुनाव में जिस तरह से उन्हें प्रचार की जिम्मेदारी नहीं दी गई उसे ही केजरीवाल और विश्वास के बीच की दूरियों की शुरुआत माना जा रहा है। सभी बड़े नेताओं ने वहां प्रचार किया लेकिन विश्वास को गोवा जैसे राज्य की जिम्मेदारी दी गई जिसने सबको हैरान किया। विश्वास का नाम स्टार प्रचारकों में भी नहीं था।
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thali - फोटो : अमर उजाला
2- सीधे सिसोदिया और केजरीवाल पर कई आरोपों का लगना- जिस तरह शुंगलू कमिटी की रिपोर्ट में सीधे सीएम केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर कई गंभीर आरोप लगे, माना जा रहा है कि उससे भी विश्वास काफी आहत हैं। इन सब वजहों से विश्वास की पर्सनल छवि को भी काफी नुकसान हुआ है।

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kejriwal
3- ईवीएम पर हमले बोलना और अपने नेताओं को कुछ ना कहना- केजरीवाल ने जिस तरह से पंजाब चुनाव की हार का ठीकरा ईवीएम में गड़बड़ी को बताया उससे भी कुमार विश्वास आहत बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग जैसी संस्था को भला-बुरा कहना विश्वास को केजरीवाल से दूर कर रहा है। वहीं आप के जिन नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं उनपर मौन साध लेना या उनपर कोई कार्रवाई न करना भी विश्वास को अच्छा नहीं लगा।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
4- मुद्दों को छोड़कर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करना- माना जाता है कि कुमार विश्वास एक साफ छवि के नेता हैं और आंदोलन से खड़ी हुई आम आदमी पार्टी से वो इसीलिए जुड़े थे क्योंकि पार्टी ने स्वच्छ राजनीति करने का वादा किया था। लेकिन दो साल बाद जिस तरह पार्टी की छवि बनी है उससे अब कुमार विश्वास को आप से जुड़ने का फैसला गलत लगने लगा है।
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