नोएडा। एसएसपी की लिखित रिपोर्ट में मना करने के बावजूद रातों-रात फेस-2
थाना अंतर्गत पुरानी कचहरी स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में 70 बंदियों को
मेरठ से नोएडा शिफ्ट कर दिया गया। खस्ताहाल इमारत का फायदा उठाकर 13 बंदी
खिड़की तोड़कर फरार हो गए जिनमें से एक को पुलिस ने पकड़ लिया। (सभी फोटोः भव्यनरेश/अमर उजाला, नोएडा)
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जेल प्रशासन के सामने किया ऐलान और फरार हो गए 13 बाल कैदी
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बंदियों ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को डंडे से वार करके घायल भी कर दिया था।
फरार हुए बंदियों में हत्या, चोरी, लूट आदि के गंभीर मामलों के आरोपी हैं।
जिलाधिकारी ने मामले की जांच के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। बाल
संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक नेम चंद के अनुसार, मेरठ में उत्पात मचाने व एक
कांस्टेबल की हत्या की घटना के बाद महिला कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव
रेणुका कुमार ने आदेश दिया कि गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और हापुड़ जिले के
सभी बाल बंदियों को मेरठ से नोएडा स्थित पुरानी कचहरी में बने बाल
संप्रेक्षण गृह में शिफ्ट कर दिया जाए।
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इन बंदियों को तीन अगस्त तक शिफ्ट करना था। इस संबंध में मंगलवार दोपहर
एसएचओ फेस-2, डीएसपी डॉ. अरविंद यादव ने पुरानी कचहरी का दौरा किया तो कई
खामियां मिलीं। इनके आधार पर उन्होंने लिखित रिपोर्ट एसपी सिटी दिनेश यादव
और एसपी सिटी ने एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह को सौंप दी। इसमें कहा गया कि
पुरानी कचहरी में जिस स्थान पर बाल संप्रेक्षण गृह बनाया गया है, वहां पर
फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से बाल कैदियों को शिफ्ट नहीं किया जा सकता।
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यही रिपोर्ट एसएसपी ने डीएम को सौंप दी। लेकिन, पुलिस की रिपोर्ट को
दरकिनार कर मंगलवार रात करीब 11 बजे बंदियों को शिफ्ट कर दिया गया। प्रथम
तल पर बने दो बड़े हॉल में कुल 70 बंदियों को लाया गया।
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नोएडा स्थित संप्रेक्षण गृह शिफ्ट करने की
प्रक्रिया शुरू हुई तो किशोरों ने अफसरों के सामने फरारी का ऐलान कर दिया
था। विजय दिवस पर किशोरों ने संप्रेक्षण गृह की छत पर तिरंगा लहराते हुए
आजाद करने की मांग की थी। चेतावनी दी थी कि यदि हमें आजाद नहीं किया तो हम
भाग जाएंगे। फरारी की जानकारी पर मेरठ रेंज
के सभी जिलों की पुलिस अलर्ट कर दी गई है। किशोरों की तलाश में रेलवे
स्टेशन और बस अड्डों पर पुलिस को सतर्क कर दिया गया है। माना जा रहा कि किशोर भागने के बाद मेरठ पहुंचेंगे। इंस्पेक्टर नौचंदी
हरशरण शर्मा ने बताया कि मंगलवार को किशोरों को नोएडा शिफ्ट किया गया था।
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बुधवार सुबह उन्हें कुछ किशोरों के भागने की सूचना मिली है। मालूम हो कि
नौचंदी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सूरजकुंड स्थित राजकीय संप्रेक्षण
गृह में दो साल से किशोर बवाल काट रहे हैं। कई बार संप्रेक्षण गृह ब्रेक हो
चुका है। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन के तमाम दावे हवाई साबित हुए। बीते
वर्ष बवाली किशोरों ने बुलंदशहर के सिपाही ओमप्रकाश की पीट-पीटकर हत्या कर
दी थी। उसके बाद तो पुलिस संप्रेक्षण गृह में घुसने की हिम्मत तक नहीं जुटा
सकी।
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एसपी सिटी दिनेश यादव का दावा है कि उन्होंने एसएसपी डॉ.
प्रीतिंदर सिंह को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें साफ लिखा है कि बाल
संप्रेक्षण गृह बंदियों को शिफ्ट करने लायक नहीं है। रिपोर्ट
बाकायदा डीएम को भी भेज दी गई थी। इतना ही नहीं बाल संप्रेक्षण गृह के
अधीक्षक नेम चंद का कहना है कि उनके ऊपर भी बंदियों को शिफ्ट करने का दबाव
था। रातों रात बंदियों को शिफ्ट करने के आदेश महिला कल्याण विभाग की प्रमुख
सचिव रेणुका कुमार की तरफ से जारी किए गए थे।
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कुछ साल पहले कचहरी सूरजपुर में शिफ्ट हो गई है।
इसके बाद से पुरानी कचहरी की बिल्डिंग जर्जर है। इसमें बाल
संप्रेक्षण गृह बनाया गया, जहां की हालत काफी खस्ता है। ठीक ढंग से लोहे के
दरवाजे व खिड़की भी नहीं लगी हुई है। इसी
का फायदा उठाकर बाल बंदी फरार होने में सफल रहे। कुल चार पुलिसकर्मी घटना
के समय तैनात थे। वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी और अधीक्षक भी वहां मौजूद
थे। एसएसपी ने जो रिपोर्ट डीएम मेरठ और मुझे भेजी,
उसमें साफ लिखा है कि अभी बिल्डिंग उस लायक नहीं है कि बाल बंदियों को
शिफ्ट किया जाए। वहां पर सुरक्षा की दृष्टि से काफी खामियां हैं, लेकिन
एसएसपी की रिपोर्ट को दरकिनार कर दिया गया। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के
आदेश दिए गए हैं। एडीएम प्रशासन इसकी जांच करेंगे।- एनपी सिंह, डीएमरिपोर्ट
में स्पष्ट कर दिया गया था कि बाल बंदियों को शिफ्ट नहीं किया जाए। इसके
बावजूद शिफ्ट कर दिया गया। फिलहाल, फेस-2 थाना प्रभारी फरार बंदियों की
तलाशी अभियान में जुट गए हैं।- दिनेश यादव, एसपी सिटीप्रमुख
सचिव महिला कल्याण विभाग रेणुका कुमार का आदेश था कि मेरठ से बाल बंदियों
को नोएडा स्थित पुरानी कचहरी की बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाए।
हमने आदेश का पालन किया है।- नेम चंद, अधीक्षक, बाल संप्रेक्षण गृह