प्रतीकात्मक तस्वीर
महिलाओं के लिए कोई भी नई योजना शुरू नहीं की गई है। नारी गरिमा-बेटी सुरक्षा की बात करते हुए 2 करोड़ शौचालय और बनाने की बात कही है, जिसमें से 6 करोड़ शौचालय बनाए जाने लक्ष्य पहले ही पूरा कर लिया गया है तो इसे बताने का भला क्या मतलब? उज्ज्वला का टारगेट पांच करोड़ से बढ़ाकर आठ करोड़ करने की बात जरूर कही गई है। महिलाओं के लिए कोई भी ऐसी नई योजना शुरू नहीं की गई है, जिससे वह खुश हो सकें। जबकि महिलाओं के लिए आयकर छूट की सीमा तीन लाख रुपये तक करनी चाहिए थी, निर्भया फंड दोगुना करने सहित सैनेटरी नैपकीन को जीएसटी से बाहर रखना चाहिए था।
मनीषा, साधना शर्मा, श्वेता तलवार, पुष्पा भल्ला, डा. मधु रॉय