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Uttarakhand Weather: बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़ में बंद, धारचूला में जान जोखिम में डालकर आवाजाही, पढ़िए इस छात्र की आपबीती

Fri, 01 Jul 2022 05:23 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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खराब मौसम से उत्तराखंड में बढ़ी लोगों की मुश्किलें - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। ज्यादातर जिलों में बारिश के आसार बताए गए हैं, हालांकि अभी सभी जगह मौसम साफ है। कुछ जगहों पर बादल छाए हुए हैं, लेकिन प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही कई सड़कों का हाल बुरा हो गया, जिस कारण लोगों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है। 

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़ में भूस्खलन के कारण अभी भी अवरुद्ध है। बारिश के कारण हुए भूस्खलन से हाईवे गुरुवार को बंद हो गया था। प्रशासन ने खांकरा-दैजीमांडा-छांतीखाल-डुंगरीपंथ व खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल-खिर्सू मोटर मार्ग पर यातायात को डायवर्ट किया।

वहीं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लामबगड़ के पास खचड़ा नाले में हाईवे सुचारू होने के बाद करीब 800 तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया। बदरीनाथ धाम से 300 तीर्थयात्रियों को अपने गंतव्य के लिए रवाना किया गया। चमोली जनपद में अभी बारिश थमी हुई है। देर रात से हो रही बारिश सुबह 9:00 बजे थमी। मौसम में ठंडक आने से धाम में भी ठंड बढ़ गई है।
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सिरोहबगड़ में बंद ऋषिकेश बदरीनाथ-हाईवे - फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर पिथौरागढ़ धारचूला में नदी उफान पर है। ऐसे में भी यहां ग्रामीण जोखिम भरी आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्राम खुमती कालिका गाड़ में लकड़ी के चार स्थायी पुल बह गए। जबकि कालिका खुमती सड़क भी तीन दिनों से बंद है। धारचूला (पिथौरागढ़) ग्राम कालिका खुमती गाड़ में  2020 में भारी बारिश से गाड़ में चार सीसी पुल बह गए थे। तबसे ही हर साल प्रशासन द्वारा लकड़ी के स्थायी पुल से ग्रामीण आवाजाही कर रहे थे।
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सिरोहबगड़ में बंद ऋषिकेश बदरीनाथ-हाईवे - फोटो : अमर उजाला
भारी बारिश के कारण स्थाई रूप से बने लकड़ी के चार पुल गाड़ के पानी में समा गए। इस कारण ग्राम पंचायत खुमती ग्राम के दुमौलिया, रोलाताली, घटखोला, गरुडिया,थोड़ा, सुयालथौड आदि विभिन्न तोकों के 700 से 800 ग्रामीण पिछले तीन दिनों से एक दूसरे के सहारे जान जोखिम में रखकर आवाजाही कर रहे हैं।

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धारचूला में जोखिम भरी आवाजाही करते लोग - फोटो : अमर उजाला
ग्राम प्रधान खुमती गोपाल सिंह धामी ने प्रशासन से कालिका खुमती गाड़ में वैकल्पिक पुल या ट्राली लगाने और बढ़ते जल स्तर को देखते हुए लोगो की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की है। ग्राम प्रधान खुमती गोपाल सिंह धामी ने बताया कि कालिका खुमती की 20 किलोमीटर की सड़क भी पिछले तीन दिन से बंद होने से एक हजार की आबादी को मजबूरी में 15 से 20 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ रही है।
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हाईस्कूल का छात्र हिमांशु - फोटो : अमर उजाला
जीआईसी खुमती में हाई स्कूल के छात्र हिमांशु सिंह ने भी अपनी आपबीती सुनाई। हिमांशु ने कहा कि छह जुलाई से स्कूल खुल रहे हैं। अगर कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती तो जीआईसी खुमती में पढ़ रहे 60 बच्चों को इसी गाड़ से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी होगी।
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एक दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
उधर, बड़कोट यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में बादल छाए हुए हैं। यमुनोत्री हाईवे पर फिलहाल आवाजाही सुचारू है।

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केदारनाथ पहुंचे यात्री - फोटो : अमर उजाला
वहीं रुद्रप्रयाग में देर रात को हुई तेज बारिश से केदारनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कोहरा छाया हुआ है। 
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