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बर्फबारी से ढक गया स्कूल तो पढ़ाने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों ने खुद हटाई बर्फ, तस्वीरें... 

Thu, 31 Jan 2019 08:35 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गोपेश्वर
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स्कूल से बर्फ साफ करते शिक्षक
उत्तराखंड के चमोली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दूर-दूर तक पसरी बर्फ से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पैदल रास्ते, सड़क और खेत-खलियानों में बर्फ की सफेद चादर बिछी होने से ग्रामीण क्षेत्रों का जनजीवन अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाया है। 
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स्कूल से बर्फ साफ करते शिक्षक
ग्रामीण पीने के पानी के लिए भी प्राकृतिक जलस्रोतों का सहारा ले रहे हैं। घाट और निजमूला घाटी के विद्यालयों में बर्फ जमी होने से छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन में भी व्यवधान पैदा हो रहा है। प्राथमिक विद्यालय कनोल में बुधवार को अभिभावकों और शिक्षकों ने विद्यालय परिसर में जमी बर्फ को बेलचे से हटाया। 
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बर्फ
वहीं, निजमूला घाटी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल के रास्ते में अभी तक करीब एक फीट तक बर्फ जमी हुई है जिससे रास्ते में आवाजाही भी खतरनाक बनी हुई है। पोखरी-मोहनखाल, घाट-कनोल, घाट-रामणी, निजमूला-पगना, जोशीमठ-औली और लोहाजंग मोटर मार्ग पर एक सप्ताह बाद भी आवाजाही सुचारू नहीं हो पाई है। 

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स्कूल से बर्फ साफ करते शिक्षक
इससे ग्रामीणों को छह किलोमीटर तक पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। रामणी गांव के ग्रामीणों को अपने जरूरी कार्य के लिए घाट बाजार पहुंचने के लिए करीब बारह किलोमीटर पैदल आवाजाही कर रहे हैं।
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बर्फ
निजमूला घाटी के पाणा, ईराणी, झींझी और घाट क्षेत्र के रामणी, सुतोल और कनोल गांव में खेत-खलियानों में बर्फ की सफेद चादर बिछी होने से ग्रामीण अपने मवेशियों को चारे की व्यवस्था भी मुश्किल से कर पा रहे हैं। 
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snowfall in uttarakhand
ग्रामीण सूरज पंवार और पोगठा गांव के वीरबल सिंह का कहना है कि सड़कों को खोलने के लिए प्रशासन की ओर से जेसीबी मशीनें तो लगाई गई हैं, लेकिन सड़कों में अत्यधिक बर्फ जमी होने से अभी सड़कों के खुलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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