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बर्फबारी से फिर लकदक हुई देवभूमि की वादियां, घरों में कैद हुए लोग, तस्वीरों में जन्नत से नजारे...

Thu, 31 Jan 2019 08:35 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, उत्तरकाशी/रुद्रप्रयाग/गोपेश्वर
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snowfall/uttarakhand
पल-पल बदलता मौसम लोगों की परेशानी का सबब बन गया है। दो दिन तक खिली धूप के साथ खुशगवार रहने के बाद बुधवार शाम से केदारनाथ, बदरीनाथ व गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले इलाकों में फिर से बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। इससे निचले इलाकों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।
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snowfall/uttarakhand
वहीं बर्फ की आगोश में कैद गांवों में रह रहे लोगों की मुसीबतें और बढ़ गईं हैं। बुधवार को शाम से बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, नंदा घुंघटी के साथ ही नीती व माणा घाटी में बर्फबारी हुई। उधर, दोपहर बाद केदारनाथ धाम में हल्की बर्फबारी शुरू हुई। केदारधाम में अधिकतम तापमान 14.8 और न्यूनतम माइनस 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 
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snowfall/uttarakhand
उत्तरकाशी में बुधवार शाम करीब छह बजे से जिले के ऊंचाई वाले हिस्सों में हिमपात शुरू हो गया है। खरसाली निवासी रणवीर राणा ने बताया कि अभी तक फूलचट्टी से आगे सड़क बर्फ से अवरुद्ध पड़ी है। उधर, सुक्की, हर्षिल क्षेत्र में भी शाम से हिमपात शुरू हो गया है।

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snowfall/uttarakhand
समाचार लिखे जाने तक जनपद में यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। बारिश और बर्फबारी के चलते जनपद में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। 
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बर्फ
बुधवार को जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में अधिकतम तापमान 15 डिग्री व न्यूनतम 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बर्फबारी वाले इलाकों में तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है।
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स्कूल से बर्फ साफ करते शिक्षक
केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण कार्य कर रही वुड स्टोन कंपनी के 8 और मजदूर पैदल मार्ग से सोनप्रयाग लौट आए हैं। अब धाम में 11 मजदूर, 4 पुलिस कर्मी व 6 साधू समेत कुल 21 लोग रह गए हैं। बीते चार दिन में केदारनाथ से 60 लोग लौट चुके हैं। 
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snowfall/uttarakhand
वहीं बर्फ प्रभावित त्रियुगीनारायण, तोषी सहित 20 से अधिक गांवों में अभी भी जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। यहां बिजली की सप्लाई नहीं हो पा रही है। साथ ही पैदल रास्तों पर आवाजाही मुश्किल से हो रही है। जिले में कुंड-ऊखीमठ-मंडल-चोपता-गोपेश्वर हाईवे सहित पांच मोटर मार्ग अब भी बंद हैं। 
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