Venkaiah Naidu
दुनिया की प्रमुख संस्कृतियों में मिश्र, यूनानी और हिंदु संस्कृति में सिर्फ अब हिंदू संस्कृति ही बची है। कारण, हिंदू संस्कृति देने और साझेदारी की संस्कृति रही है। हिंदू संस्कृति पर अनेकों आक्रमण हुए, मगर इस संस्कृति ने कभी किसी को अतिक्रमण नहीं करने दिया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि योग दुनिया को जोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने 94 देशों से आए योग ज्ञिजासुुओं और साधकों का भारत आने पर स्वागत किया। कहा कि मुझे खुशी हो रही है कि इतने देशों को लोग यहां आए हैं। तीर्थनगरी ऋषिकेश के पानी और हवा में योग बसता है।
विश्व स्तर पर योग की अंतर्राष्ट्रीय राजधानी के रुप में विख्यात ऋषिकेश में आकर गौरांवित महसूस कर रहा हूं। इस दौरान परमार्थ निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने उपराष्ट्रपति को इलाइची की माला और रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। महोत्सव में शामिल होने से पूर्व उपराष्ट्रपति ने गंगातट पर मोक्षदायिनी का आचमन कर देश की सुख-समृद्घि की कामना भी की।
मौके पर केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री उल्फोंस कन्नंथनम, राज्यपाल डा. केके पॉल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूड़ी, साध्वी भगवती, योगाचार्य मोहन भंडारी, गुरुमुख खालसा, लोरा आदि मौजूद थे