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Uttarkashi Tunnel: निराशा से उबरकर 15वें दिन फिर मजदूरों तक पहुंचने के चार प्लान तेज, रविवार को हुए ये काम

Sun, 26 Nov 2023 10:30 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, सिलक्यारा (उत्तरकाशी)
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सुरंग में रेस्क्यू अभियान जारी - फोटो : amar ujala

सुरंग के भीतर ऑगर मशीन का ब्लेड फंसने के बाद रविवार को मजदूरों तक पहुंचने के चार प्लान पर काम तेज हो गया है। एक ओर जहां भीतर फंसे ब्लेड को काटने में तेजी आई, तो टनल के ऊपर व दूसरे छोर से भी तीन योजनाओं के कार्यों में तेजी आई है।

पिछले शुक्रवार शाम को सुरंग के अंदर फंसे 41 मजदूरों के बचाव अभियान को तब बड़ा झटका लगा था, जब ऑगर मशीन का ब्लेड 800 मिमी पाइप में ही टूटकर फंस गया था। इसके कुछ हिस्साें को तो गैस कटर से काटकर निकालने का काम शुरू किया गया था, लेकिन रविवार को हैदराबाद से आई लेजर कटर और चंडीगढ़ से प्लाज्मा कटर ने तेजी ला दी।



अभी तक 45 में से केवल 13.9 मीटर ब्लेड काटना बाकी था। टनल के ऊपर व दूसरे छोर से काम में तेजी लाने के लिए और टीम बुलाई गई है। ओएनजीसी की एक टीम आंध्रप्रदेश के राजामुंदरी से पहुंची।

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परिजनों में निराशा - फोटो : amar ujala

मजदूरों तक पहुंचने के लिए रविवार को हुए काम

सुरंग के ऊपर : सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) की टीम ने वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू किया। खबर लिखे जाने तक 1.2 मीटर व्यास की 20 मीटर तक वर्टिकल ड्रिल हो चुकी थी। एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद के मुताबिक, 86 मीटर तक ड्रिलिंग होनी है। जिसमें दो दिन का समय लग सकता है। बताया, एक ड्रिलिंग रिक की क्षमता 40 मीटर ड्रिल की है। इसके बाद रिक को बदला जाएगा।

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सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala

सुरंग के अंदर : लेजर और प्लाज्मा कटर पहुंचने के बाद काम में तेजी आई है। सरियों व लोहे के पाइप के कारण फंसे ब्लेड को काटा गया। सचिव डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया, अब केवल 13.9 मीटर ब्लेड काटना बचा है। रविवार रातभर इसे काटने का काम जारी रहेगा। सोमवार से यहां मैन्युअल खोदाई शुरू करने की योजना है। आगे की बाधाओं को मैन्युअल ढंग से लेजर व प्लाज्मा कटर से दूर कर मलबा हटाने का काम होगा। यहां से मजदूर सबसे करीब हैं।

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सुरंग में मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश जारी। - फोटो : amar ujala

सुरंग के दूसरे सिरे पर : पोलगांव बड़कोट वाले छोर पर टीएचडीसी की ओर से ढाई मीटर व्यास की सुरंग बनाने का काम जारी है। यहां अब तक चार ब्लास्ट कर 10 मीटर तक सुरंग तैयार कर ली गई है। ब्लास्टिंग में विशेष सावधानी बरती जा रही है। यहां से करीब 400 मीटर सुरंग का काम शेष था। ऐसे में यहां से सुरंग तैयार करने में लंबा समय लग सकता है।

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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala
लंबवत क्षैतिज सुरंग : रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) भी लंबवत क्षैतिज सुरंग तैयार करेगा। इसके लिए सभी जरूरी मशीन सिलक्यारा साइट पर पहुंचा दी गई हैं। इसके लिए कंक्रीट बेड बनाए जा रहे हैं। वहीं, ड्रिफ्ट टनल बनाने पर भी विचार किया गया है। इस टनल का डिजाइन तय कर फ्रेम के फेब्रिकेशन का काम शुरू कर दिया गया है।
 

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सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala

सिलक्यारा में छाए बादल, बारिश के आसार

मौसम विभाग ने सोमवार को उत्तरकाशी जिले में गर्जन के साथ हल्की बारिश व ओलावृष्टि की संभावना जताई है। सिलक्यारा में भी रविवार को ही बादल छा गए। बारिश के आसार बन गए। माना जा रहा कि अगर ज्यादा बारिश हुई तो इससे ऑपरेशन सिलक्यारा में भी व्यवधान आ सकता है, क्योंकि टनल के भीतर का काम तो आसानी से चलता रहेगा, लेकिन टनल के ऊपरी हिस्से पर ड्रिल में परेशानी पेश आ सकती है।

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