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Uttarkashi Tunnel Collapse: सुरंग में फंसे पिता की आवाज सुन बेटे ने ली राहत की सांस... घरवालों को है इंतजार

Tue, 14 Nov 2023 05:46 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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उत्तरकाशी टनल हादसा: रेस्क्यू अभियान जारी। - फोटो : amar ujala

उत्तरकाशी जिले के सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 40 मजदूरों में कोटद्वार के सनेह क्षेत्र के बिशनपुर निवासी गब्बर सिंह भी शामिल हैं। गब्बर सिंह पिछले छह सालों से सुरंग निर्माण कार्य में जुटे हैं। उनकी 11 नवंबर की रात को अपनी पत्नी यशोदा देवी से बात हुई थी।

इसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है। बेटा और परिजन उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए। मंगलवार को उत्तरकाशी पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा श्रमिकों के परिजनों से सम्पर्क कर उनको अपडेट दिया गया।

इस दौरान यहां पहुंचे गब्बर सिंह के बेटे ने टनल में फंसे पिता से वॉकी-टॉकी से संपर्क कर कुशलक्षेम जानी। पिता की आवाज सुन बेटे ने राहत की सांस ली। सनेह क्षेत्र के अंतर्गत बिशनपुर कुंभीचौड़ निवासी यशोदा देवी ने बताया कि उनके पति गब्बर सिंह पिछले 20 सालों से नवयुग इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड में काम कर रहे हैं। वह वर्तमान में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं।

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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala

छह साल पहले यमुनोत्री हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हुआ था। यशोदा देवी ने बताया कि उनकी गत 11 नवंबर को रात करीब 8 बजे पति से बात हुई थी।

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उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूर - फोटो : amar ujala

उस दिन उनकी रात की ड्यूटी थी। अगले ही दिन भूस्खलन के कारण उनके सुरंग में फंसने की सूचना मिली।

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Uttarkashi Tunnel Collapse - फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। उनका बड़ा बेटा आकाश (18) और छोटा बेटा विकास (15) है। आकाश उसके मामा व तीनों ताऊ उत्तरकाशी के लिए रवाना हो चुके हैं।

ये भी पढ़ें...Uttarkashi Tunnel Collapse: टनल में फंसीं 40 जिंदगियां...मलबा गिरते ही काम कर रहे मजदूरों में मची भगदड़

 
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उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूर - फोटो : amar ujala
गब्बर सिंह इससे पहले दिल्ली, सिक्किम, राजस्थान, जम्मू समेत कई राज्यों में कंपनी के निर्माण कार्य कर चुके हैं। इससे पहले वे सिक्किम में सुरंग निर्माण के दौरान ज्वालामुखी फटने से फंस गए थे। तब विषम हालात में वे दूसरों की हौसला अफजाई करते हुए सकुशल निकले थे।
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