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सुरंग में हर सांस के लिए जंग: 40 जिंदगिंया बचाने के लिए युद्ध स्तर चल रहा कार्य...10 तस्वीरें और 10 बड़े अपडेट

Tue, 14 Nov 2023 05:45 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला न्यूज डेस्क, देहरादून
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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala
Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue Operation: उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सुरंग में हुए भूस्खलन के बाद बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। सुरंग में 12 घंटे की शिफ्ट खत्म कर मजदूर रविवार सुबह करीब आठ बजे दीपावली की छुट्टी मनाने के लिए जाने ही वाले थे, लेकिन ढाई घंटे पहले ही 5:30 बजे सुरंग के सिलक्यारा वाले मुहाने से करीब 250 मीटर आगे 35 मीटर हिस्से में भूस्खलन हो गया।

सुरंग में उस वक्त 45 मजदूर थे। मलबा धीरे-धीरे गिरता देख पांच मजदूर तो बाहर भाग गए लेकिन 40 सुरंग में ही फंस गए। दरअसल, चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन 4.5 किमी सुरंग का निर्माण कार्य अब करीब 500 मीटर शेष रह गया है जिसका निर्माण मजदूर दो शिफ्ट में कर रहे हैं।

बीते शनिवार रात आठ बजे शिफ्ट शुरू हुई थी जिसमें 45 मजदूर काम पर गए थे। यह शिफ्ट रविवार को बड़ी दीपावली के दिन सुबह आठ बजे खत्म होने वाली थी। इसके बाद सभी मजदूर साथियों के साथ दीपावली की छुट्टी मनाते, लेकिन इससे पहले ही सुरंग के सिलक्यारा वाले मुहाने से करीब 230 मीटर अंदर सुरंग टूट गई। नीचे पढ़ें रेस्क्यू अभियान से जुड़े मंगलवार के ये ब़ड़े अपडेट...

सुरंग में मलबा गिरते ही मची भगदड़
सिलक्यारा सुरंग में बार-बार मलबा गिर रहा है। यहां दोबारा मलबा गिरने से भगदड़ मच गई। सुरंग में दस मजदूर कर रहे हैं। मलबा गिरते ही भगदड़ मचने से एक मजदूर चोटिल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala
महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल को दोबारा जिम्मेदारी
एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम) के गत 6 नवंबर को रिलीव हो चुके महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल को उनके अनुभव को देखते हुए दोबारा भेजा गया है। हालांकि इस बार वह रिलीफ इंचार्ज की भूमिका में यहाँ आए हैं। उन्होंने कहा कि अंदर फंसे मजदूरों को सकुशल बाहर निकालना उनकी पहली प्राथमिकता है।
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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala
ड्रिलिंग मशीन मंगाई
टनल में रेस्क्यू कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। 900 मिमी व्यास के पाइप व ऑगर ड्रिलिंग मशीन साइट पर पहुंच गई है। मशीन से ड्रिलिंग का तेजी से किया जा रहा है। अब ऑगर ड्रिलिंग मशीन मंगाई है, यह मशीन मलबे में 900 मिमी स्टील पाइप लगाएगी। इन 900 मीटर के पाइप के जरिए सुरंग में फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकलना जाएगा। 

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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala
टनल में फंसे श्रमिकों से कराई जा रही परिजनों की बातचीत
रेस्क्यू में जुटे उत्तरकाशी पुलिस के सीओ ऑपरेशन प्रशांत कुमार द्वारा टनल के अन्दर फंसे श्रमिकों से वॉकी-टॉकी के माध्यम से उनके परिजनों की बातचीत करवाकर धैर्य बंधाया गया। सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। अंदर फंसे कोटद्वार निवासी गंभीर सिंह नेगी के बेटे ने उनसे संपर्क कर कुशलक्षेम जानी। उत्तरकाशी पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा भी श्रमिकों के परिजनों से सम्पर्क कर उनको अपडेट दिया जा रहा है।
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उत्तरकाशी टनल हादसा: रेस्क्यू अभियान जारी। - फोटो : amar ujala
एसडीआरएफ कमांडेंट ने दिलाया मजदूरों को सुरक्षित निकालने का भरोसा
आज मंगलवार को एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने घटनास्थल पर पहुंच श्रमिकों से बात कर सुरक्षित रेस्क्यू का आश्वसन दिया। रसद और आवश्यक दवाइयां भी पहुंचाई गई। उत्तरकाशी के ब्रह्मखाल बड़कोट के बीच सुरंग धसने के कारण टनल में फंसे श्रमिकों से मणिकांत मिश्रा द्वारा वॉकी-टॉकी के माध्यम से बात कर उनकी कुशलता ली गई। उन्होंने श्रमिकों का हौसला बढ़ाया। श्रमिकों द्वारा बताया गया कि वे सब ठीक है। कम्प्रेसर के माध्यम से श्रमिकों को आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाई गई। गाजियाबाद से भी आयरन के 820 एमएम के पाइप लेकर एक ट्रक पहुंच गया है। जबकि एक अन्य पाइप उतारकर जा चुका है।
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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala
मजदूरों का बढ़ाया हौसला
एनडीआरएफ के डीआईजी गंभीर सिंह चौहान भी रेस्क्यू कार्य का जायजा लेने पहुंचे। रेस्क्यू कार्य में लगे बल के जवानों व अधिकारियों का मनोबल बढ़ाया। सीडीओ गौरव कुमार ने बताया कि, ''मैं अभी टनल के अंदर गया था. हमारा कर्मियों से लगातार संवाद हो रहा है। आज सुबह 10 बजे उनसे संवाद स्थापित किया गया। वे सभी सुरक्षित और स्वस्थ हैं। खाने-पीने के सामान और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। सीएमओ ने कुछ दवाओं की भी व्यवस्था की है। उन्हें भेजा जा रहा है। जहां तक बचाव का सवाल है, पाइप पुशिंग शुरू होने वाली है। उसके लिए प्लेटफॉर्म तैयार है। हम अपने शेड्यूल के मुताबिक प्रगति कर रहे हैं। उम्मीद है कि प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जल्द ही।
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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala
60 मीटर के दायरे में फैला हुआ है मलबा
60 मीटर के दायरे में मलबा फैला हुआ है। 25 मीटर तक मलबा हटाया गया था, लेकिन जितना मलबा हटाया गया, उतना और गिर गया। जिससे अब मलबे में ड्रिलिंग कर पाइप डालने की योजना बनाई गई है।

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उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala
820 एमएम के पाइप लेकर पहुंचा ट्रक,
गाजियाबाद से भी आयरन के 820 एमएम के पाइप लेकर एक ट्रक पहुंचा है। वहीं शासन के द्वारा सिलक्यारा सुरंग में हुए भूस्खलन के अध्ययन एवं कारणों की जांच के लिए निदेशक उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र की अध्यक्षता में गठित समिति में शामिल विशेषज्ञों ने स्थल का निरीक्षण कर जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। 

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उत्तरकाशी टनल हादसा: मौके पर पहुंची एसडीआरएफ - फोटो : amar ujala
पाइपों के जरिये एस्केप टनल तैयार करने का अभियान
जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने  सिलक्यारा सुरंग रेस्क्यू अभियान को लेकर विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श कर अभियान की प्रगति और चुनौतियों का जायजा लिया। मौके पर रेस्क्यू अभियान की निगरानी और निर्देशन में जुटे जिलाधिकारी ने रेस्क्यू टीमों को जरूरी हिदायतें देते हुए कहा कि हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाए। उम्मीद जताई कि पाइपों के जरिये एस्केप टनल तैयार करने का अभियान कामयाब होगा और सभी मजदूर सुरक्षित निकाल लिए जाएंगे।
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घटनास्थल पर सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर घटनास्थल पर तैनात जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कार्यरत एजेंसियों से निरंतर समन्वय बनाकर रखने के निर्देश दिए। कहा सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए राहत सामग्री की किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।

ये भी पढ़ें...Uttarkashi Tunnel Collapse: टनल में फंसीं 40 जिंदगियां...मलबा गिरते ही काम कर रहे मजदूरों में मची भगदड़
 
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन द्वारा सिल्क्यारा सुरंग में हुए भूस्खलन के अध्ययन एवं कारणों की जांच के लिए निदेशक उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र की अध्यक्षता में गठित समिति में शामिल विशेषज्ञों ने स्थल का निरीक्षण कर जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। 
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