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उत्तराखंडः देहरादून में छाए बादल, हुई बूंदाबांदी, तापमान में गिरावट आने के आसार

Fri, 12 Mar 2021 03:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में छाए बादल - फोटो : अमर उजाला
प्रदेशभर में शुक्रवार को तापमान में हल्की गिरावट आने के आसार हैं। पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश व मैदानी इलाकों में हवाएं चलने की संभावना है। इससे लोगों की गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं शुक्रवार की सुबह देहरादून सहित राज्य के अधिकतर इलाकों में बादल छाए रहे और दोपहर साढ़े तीन बजे बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई।  मौसम केंद्र के अनुसार, पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश व बिजली चमकने के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चलने के साथ तापमान में कमी आने की संभावना है। हवाओं की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। वहीं, गुरुवार को तापमान बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 32.6 और न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार को देहरादून में अधिकतम व न्यूनतम तापमान 31 व 14 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पिछले कुछ समय से बारिश न होना भी प्रदेश के जंगलों पर भारी पड़ रहा है। करीब 450 हेक्टेयर जंगल अब तक आग की भेंट चढ़ चुका है। वन विभाग का कहना है कि मौसम की बेरुखी बनी रहती है तो मई और जून का महीना बेहद भारी पड़ेगा। इस समय फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। वन विभाग के मुताबिक पिछले कुछ समय में सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। यह स्थिति खतरनाक है और इससे जंगलों की नमी तेजी से कम हो रही है। भूजल पर भी इसका असर पड़ा है। कई जगह से नौलों, धारों और अन्य प्रकृतिक स्रोतों में पानी कम होने की सूचना मिल रही है। यही हाल रहा तो मई और जून का महीना इस बार खतरनाक साबित हो सकता है। 
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जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में अभी तक औसतन करीब दो हजार हेक्टयेर जंगल हर साल जल जाने का रिकार्ड रहा है। इस हिसाब से अभी स्थिति चिंताजनक नहीं मानी जा रही है। वन विभाग की चिंता अब आगे के महीनों पर है और मौसम का अनुकूल रुख ही वन विभाग को राहत दे सकता है। वन विभाग ने वन पंचायतों को करीब 1.71 करोड़ रुपये वनाग्नि पर रोकथाम के लिए जारी किए हैं। इस बजट से वन पंचायतें चौकीदार रखने, फायर लाइन की सफाई करने, श्रमदान कराने आदि काम कराने को कहा गया है। 
 
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जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में वनाग्नि की घटनाओं के पीछे प्राकृतिक कारण न के बराबर हैं। ऐसे में वन विभाग को लोगों के सहयोग की दरकार है। वन अधिकारियों का कहना है कि हर हाल में लोगों को ही वनाग्नि की जानकारी मिलती है। लोग इसमें वन विभाग का सहयोग करें तो आग पर समय से काबू पाकर नुकसान से बचा जा सकता है। वनाग्नि और आपदा प्रबंधन के मुख्य वन संरक्षक मान सिंह ने कहा है कि अभी तक वनाग्नि नियंत्रण में हैं। लेकिन बारिश न होने से आने वाले समय में मामले बढ़ सकते हैं। ऐसे मे वन विभाग को लोगों के सहयोग की भी जरूरत है। लोग अपनी तरफ से भी सचेत रहें तो जंगलों को नुकसान से बचाया जा सकता है। 

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जंगलों में आग - फोटो : amar ujala
टिहरी जिले के चौरास और पौड़ी जिले के धोबीघाट के जंगलों में बुधवार से आग लगी हुई है। वन विभाग के मुताबिक आग बुझाने के लिए टीम मौके पर भेजी गई। कीर्तिनगर रेंज के चौरास क्षेत्र में बार-बार जंगलों में आग फैल रही है। आग सिविल क्षेत्र से रिजर्व वन क्षेत्र में पहुंच रही है। चौरास के जंगलों में बुधवार शाम आग धधक उठी। देखते ही देखते आग काफी बड़े क्षेत्रफल में फैल गई। वहीं गुरुवार को भी चौरास क्षेत्र के जंगलों से धुआं उठता दिखाई दे रहा था। उधर, श्रीनगर रेंज के धोबीघाट में बुधवार शाम जंगल में आग फैल गई। इन जगहों पर लगी आग बाद में बुझा ली गई।
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जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
देहरादून के प्रेमनगर बिधौली के जंगल में गुरुवार देर शाम आग लगने हड़कंप मच गया। इससे पहले की आग विकराल रूप धारण करती और जंगलों के साथ ही आबादी क्षेत्र में भारी नुकसान होता, ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के साथ ही अग्निशमन विभाग के कर्मचारी दमकल गाड़ियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। आग बुझने के साथ ही वनकर्मियों और दमकलकर्मियों ने राहत की सांस ली।
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