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लद्दाख में शहीद हुए जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, यह मंजर देख हर किसी की आंखें हुईं नम

Wed, 22 Jul 2020 01:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, लालपुर (ऊधमसिंह नगर)
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- फोटो : amar ujala
लद्दाख में शहीद हुए देव बहादुर का पार्थिव शरीर बुधवार की सुबह सेना के वाहन से उत्तराखंड पहुंचाया गया। इस दौरान युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
 
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- फोटो : amar ujala
युवाओं में चीन और पाकिस्तान के खिलाफ खासा गुस्सा दिखाई दिया। जैसे ही शहीद देव बहादुर का शव उनके घर पहुंचा। उनके परिवारजन अपने आंसू रोक न सकें। यह मंजर देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। 
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- फोटो : amar ujala
बाइक पर सवार युवा तिरंगे के साथ जब तक सूरज चांद रहेगा, देव तेरा नाम रहेगा, दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए आदि नारों के साथ आगे आगे चल रहे थे।
 

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- फोटो : amar ujala
सड़क के दोनों ओर लोगों की लंबी कतारें थीं। महिलाएं छतों से पार्थिव शरीर देखने के लिए खड़ी थीं। विधायक राजेश शुक्ला शव के साथ चल रहे थे।

 
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- फोटो : amar ujala
यहां से शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव गौरीकला पहुंचा, जिसके बाद प्राथमिक स्कूल में अंतिम दर्शन के लिए शहीद की पार्थिव देह रखी गई।

 
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- फोटो : amar ujala
इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय और देव तुम अमर रहो के नारों के साथ शहीद वीर को श्रद्धांजलि दी। प्राथमिक स्कूल में राज्यपाल की ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया गया।

 
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- फोटो : amar ujala
जिसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। कनकपुर और राघवनगर के मध्य बने श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद देव बहादुर का अंतिम संस्कार किया गया।

 

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- फोटो : amar ujala
मंगलवार को दोपहर डेढ़ बजे लद्दाख से सेना का वायुयान शहीद का पार्थिव देह लेकर दिल्ली रवाना हो गया था।

 

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- फोटो : amar ujala
जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई की रात को गश्त के दौरान जवान देव बहादुर का पैर जमीन पर बिछी डायनामाइट पर पड़ गया था। इस दौरान हुए धमाके में वे शहीद हो गए।
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शहीद जवान देव बहादुर
घटना की जानकारी परिवार को रात करीब 11 बजे मिली। शहीद जवान देव बहादुर की भर्ती 2016 में भारतीय सेना के 6/1 गोरखा रेजिमेंट के बैच में हुई थी।
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