शुरुआत में काम रफ्तार नहीं पकड़ पाया, लेकिन अब उनका कारोबार अच्छा चल रहा है। उनके उद्योग में बने मड़ुवे और भट के बिस्कुट, सोनपापड़ी की मांग अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर, खटीमा सहित कई स्थानों और नेपाल में भी बढ़ गई है। वह मांग के अनुसार प्रत्येक जिले में अपने प्रोडक्ट पहुंचा रहे हैं।