लाइब्रेरी में पढ़ते बच्चे
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कहते हैं कि प्रतियोगी परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को पुस्तकों से लेकर कोचिंग के लिए दिल्ली, देहरादून, इलाहाबाद, कोटा आदि जाना अक्सर मजबूरी होता है। इन स्थानों पर प्रतियोगी माहौल के अलावा गुणवत्ता वाली शिक्षण सामग्री मिलती है, लेकिन इसके लिए उनके पास वित्तीय संसाधन होने चाहिए। फिर अभ्यर्थियों की 50 प्रतिशत से अधिक ऊर्जा पढ़ाई के बजाय कमरे, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं में बर्बाद हो जाती है।