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अब सर्दी में भी लें आम का स्वाद, उत्तराखंड में मिला साल में दो बार फल देने वाला पेड़

Wed, 24 Feb 2021 11:33 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal नवीन भट्ट, अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)
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आम की नई प्रजाति - फोटो : अमर उजाला
अगर आप आम के शौकीन हैं या आम का व्यवसाय करते हैं तो आपके लिए बेहद अच्छी खबर है। अमूमन आम का पेड़ साल में एक बार ही फल देता है, लेकिन नैला गांव में आम की एक ऐसी प्रजाति मिली है जो साल में दो बार फल देती है। कलमी (फजरी) प्रजाति का यह पेड़ रामनगर के हिम्मतपुर डोटियाल नर्सरी से लाया गया था। यह प्रजाति जुलाई और नवंबर में फल होती है। दोनों ही बार आम का वजन अलग-अलग रहता है। उद्यान विभाग अब इस प्रजाति पर रिसर्च करेगा। यदि यह प्रजाति अन्य जगहों पर सफल हो जाती है तो किसानों की आय में दोहरी फसल से काफी इजाफा होगा। ताड़ीखेत विकासखंड के अंतर्गत नैला गांव निवासी बागवान देवकी नंदन चौधरी लंबे समय से बागवानी कर रहे हैं। उनके बगीचे में साल में दो बार फल देने वाला आम का पेड़ मिला है। देवकी नंदन बताते हैं कि कलमी (फजरी) प्रजाति के पेड़ को वह 2004 में रामनगर के हिम्मतपुर डोटियाल नर्सरी से लाए थे। यह प्रजाति यहां सफल हो गई और चौथे वर्ष से पेड़ ने फल देना शुरू कर दिया था। इस पेड़ से पहली फसल जून-जुलाई में और दूसरी फसल अक्तूबर-नवंबर में तैयार होती है।
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आम की नई प्रजाति - फोटो : अमर उजाला
बरसात वाली फसल में आम का वजन 175 से 200 ग्राम और नवंबर वाली फसल में वजन 160 से 175 ग्राम तक रहता है। आम के पेड़ की लंबाई तकरीबन 10 फुट है।
 
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आम की नई प्रजाति - फोटो : अमर उजाला
आम काफी मीठा बताया जा रहा है। उद्यान विभाग के अधिकारियों की नजर गांव में एक प्रशिक्षण के दौरान इस पेड़ पर पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि अब इस पेड़ पर विभाग रिसर्च करेगा।

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आम की नई प्रजाति - फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों का कहना है कि यदि रिसर्च सफल रहती है तो इसे अन्य किसानों के बीच प्रसारित किया जाएगा। इससे किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
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आम के पौधे - फोटो : pixabay
नैला गांव में साल में दो बार फल देने वाला आम का पेड़ मिला है। विभाग इस प्रजाति पर रिसर्च करेगा। जून-जुलाई के महीने में पेड़ की टहनी पर कलम बांधकर पौध तैयार की जाएगी। यदि यह प्रजाति सफल होगी तो इसे किसानों के बीच प्रसारित किया जाएगा। किसानों की आय दोगुनी करने में यह फल कारगर साबित होगा।
- भूपाल सिंह बिष्ट, ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक, चिलियानौला रानीखेत
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