उत्तराखंड में पिथौरागढ़-घाट बारहमासी सड़क पर चुपकोट बैंड के पास मंगलवार देर रात करीब एक बजे भारी भूस्खलन होने से पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया था। इससे बुधवार को हजारों यात्री भूखे प्यासे ही रास्ते में ही फंसे रहे। उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मार्ग पर कल दोपहर तक आवाजाही सुचारू होने की संभावना है।
पहाड़ी दरकने से बंद रास्ते पर बुधवार को वाहनों का संचालन नहीं हो सका। पिथौरागढ़ से जाने वाले वाहनों की गुरना की ओर लंबी कतार लग गई जबकि टनकपुर और हल्द्वानी रूटों से आ रहे वाहन घाट की ओर फंसे रहे। लंबी दूरी पर जाने वाले सैकड़ों वाहनों में सवार हजारों यात्री मार्ग पर फंसे रहे। एनएच के बंद होने से नगर में रसोई गैस, दूध, सब्जी, ईंधन और अखबार की गाड़ियां भी पिथौरागढ़ नहीं पहुंच पाईं।
सड़क बंद होने के कारण अधिकांश यात्री जंगल के रास्ते दूसरी तरफ पहुंचे और वहां से वाहन बदलकर पिथौरागढ़ पहुंचे। इसी तरह मैदानी क्षेत्रों को जा रहे यात्री भी पैदल चलकर दूसरी ओर गए और वहां से अन्य वाहनों से गंतव्य के लिए रवाना हुए। कई यात्री चुपकोट बैंड से पैदल आए।
एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि पहाड़ी दरकने से सड़क पर काफी मलबा आ गया है, जिसे साफ करने में लंबा समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे तक सड़क खुलने की उम्मीद है।