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Uttarakhand News: शहीद होने से चंद घंटे पहले योगंबर ने की थी पत्नी से बात, किया था ये वादा

Sat, 16 Oct 2021 05:38 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज, पोखरी (चमोली)
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शहीद योगंबर सिंह के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ - फोटो : अमर उजाला
बहन की सगाई में नहीं आ पाया, लेकिन अब शादी में जरूर आऊंगा... योगंबर सिंह ने अपनी मां से यह वादा किया था। शहीद होने से चंद घंटे पहले योगंबर ने पत्नी कुसुम से भी फोन पर बात की थी और दीपावली पर घर आने का वादा किया था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अब योगंबर दीपावली से पहले घर जरूर पहुंचेंगे, लेकिन तिरंगे में लिपटकर। 

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शहीद योगंबर  अपने पीछे माता, पिता, 23 वर्षीय पत्नी कुसुम, एक वर्ष के बेटे अक्षत, बहन रितू, भाई बासुदेव व प्रशांत को छोड़ गए हैं। योगंबर के शहीद होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शहीद की मां जानकी देवी और पत्नी कुसुम का रो-रोकर बुरा हाल है। मां रोते-बिलखते बदहवास हालत में बेटे से हुई बातों को दोहरा रही हैं। योगंबर के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी भी बेसुध पड़े हुए हैं।
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शहीद योगंबर सिंह - फोटो : अमर उजाला
पोखरी में बामनाथ मंदिर के समीप और निगोल नदी के किनारे स्थित सांकरी गांव निवासी योगंबर सिंह पांच साल पहले 17 गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह जम्मू-कश्मीर में 48 आरआर में तैनात थे।
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शहीद योगंबर सिंह के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ - फोटो : अमर उजाला
योगंबर की शादी तीन साल पहले कुसुम से हुई थी। 10 अक्तूबर को योगंबर की इकलौती बहन रितू की सगाई धूमधाम से हुई थी। अभी शादी की तिथि तय नहीं हुई थी। छुट्टी न मिलने के कारण योगंबर सगाई में शामिल नहीं हो पाए थे।

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शहीद योगंबर सिंह का एक साल का बेटा अक्षत - फोटो : अमर उजाला
योगंबर ने 11 अक्तूबर की रात मां जानकी देवी से बात की थी और बहन रितू की शादी में आने का वादा किया था। उन्होंने गुरुवार रात को पत्नी कुसुम से फोन पर बात की और दीपावली पर घर आने का वादा किया था।
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शहीद योगंबर सिंह - फोटो : अमर उजाला
योगंबर के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। शहीद के घर के आंगन में देर शाम तक लोगों की भीड़ लगी रही। सांकरी गांव के ग्राम प्रधान आनंद सिंह भंडारी और ग्रामीण देवेंद्र रावत का कहना है कि योगंबर बेहद मिलनसार और हंसमुख थे। 
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