suicide
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युवती की मां को भी इस बारे में जानकारी दी थी, लेकिन युवती ने अपनी मां की भी सुनी थी। कई बार बच्चों के भविष्य का हवाला भी दिया गया, लेकिन दोनों पर कोई असर नहीं हुआ। बताते हैं कि सुरेंद्र -युवती करीब नौ बजे के बीच लीची के बाग पहुंचे थे। दोनों रस्सी, पानी की बोतल और चिप्स के पैकेट लेकर पहुंचे थे। एक बैग भी मौके पर मिला, इसमें युवक के कपड़े और ड्राइविंग लाइसेंस आदि था। मौके पर चिप्स के पैकेट खाली मिले हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि आत्महत्या करने से पहले दोनों लीची के पेड़ में चढ़े और उसके बाद एक साख पर बैठ गए। उसी पेड़ की साख पर बैठकर दोनों ने चिप्स खाया और पानी पिया। इसके बाद दोनों रस्सी का फंदा बनाकर पेड़ पर झूल गए।