तीरथ सिंह रावत इसी दुकान में चलाते थे पीसीओ
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कुकरेती का कहना है कि तीरथ बहुत ही सामान्य घर से हैं। चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी साथी को बाजार में खाना खिलाने के बजाय घर में खाना खिलाते थे। वहीं, छात्र जीवन में उनके पड़ोसी जगदंबा प्रसाद मैठाणी बताते हैं कि तीरथ हमेशा उनसे पढ़ाई के लिए दबाव डालते थे। किताबें भी वही लाते थे। सांसद बनने के बाद भी वे उन्हें नहीं भूले । वे आज भी उनके संपर्क में हैं।