भांग से निर्मित भवन
- फोटो : फेसबुक@ त्रिवेंद्र सिंह रावत
कहा कि यह एक औषधीय कुटिया है। आज दवाओं, आभूषण, कपड़े, इत्र और ईंट आदि उत्पादों को बनाने में भांग का प्रयोग हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि चिकित्सकीय अनुसंधान के मुताबिक भांग कैंसर के इलाज में भी काफी उपयोगी साबित हो रही है। प्रदेश में भांग की प्रोटेक्टिव फार्मिंग की जरूरत है, जिससे ब्रीड का संरक्षित रख शुद्ध उत्पाद बनाए जा सकें। उन्होंने कहा कि संभ्रात वर्ग आज हस्तनिर्मित और जैविक उत्पादों को तवज्जों दे रहा है।