छह माह तक जब राजेंद्र सिंह नेगी का पता नहीं चला तो सेना ने उन्हें शहीद घोषित कर दिया। लेकिन, पत्नी राजेश्वरी नेगी ने उम्मीद नहीं छोड़ी थी। उन्हें उम्मीद थी कि पति एक दिन लौटकर जरूर आएंगे, चाहे तिरंगे में ही लिपटकर आएं। यही वजह थी कि शहीद घोषित के बाद भी पत्नी ने पति को शहीद मानने से इंकार कर दिया था।