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Ganesh Chaturthi 2020: ये है बप्पा की स्थापना का शुभ मुहूर्त, न करें चंद्रदर्शन, पूजा में ये एक चीज जरूर चढ़ाएं

Thu, 20 Aug 2020 07:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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गणेश महोत्सव 22 अगस्त से शुरू होगा। इस दिन रात्रि में चंद्रमा के दर्शन न करें। आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने कहा कि इस दिन चंद्रमा के दर्शन करना शुभ नहीं माना जाता है। 22 तारीख को रात्रि में चंद्रमा के दर्शन करने से मिथ्या कलंक लग सकता है। इसके उपाय के लिए स्यमन्तक मणि कथा व श्री गणेश पूजा करें।  
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- फोटो : अमर उजाला
आचार्य ममगाईं ने कहा कि 22 तारीख को गणेश स्थापना मुहूर्त सुबह 6 बजे से 9 बजकर 25 मिनट तक व मध्याहन काल में साढ़े 11 से साढ़े 12 बजे तक रहेगा। गणेश भगवान का जन्म मध्याहन में हुआ था, इसलिए मध्याहन काल में पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
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- फोटो : अमर उजाला
गणेश पूजा में कई चीजें चढ़ाई जाती हैं। जैसे चावल, फूल, दूर्वा आदि, लेकिन पूजा में दूर्वा का काफी महत्व है। कहा जाता है कि इसके बिना गणेश पूजा पूरी नहीं होती है। एक पौराणिक कथा के अनुसार अनलासुर नाम का एक असुर था। जिसकी वजह से स्वर्ग और धरती पर सभी त्रस्त थे। अनलासुर ऋषि-मुनियों और आम लोगों को जिंदा निगल जाता था। 

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- फोटो : अमर उजाला
असुर से त्रस्त होकर देवराज इंद्र सहित सभी देवी-देवता, प्रमुख ऋषि-मुनि ने शिवजी से प्रार्थना की कि वे अनलासुर का नाश करें। शिवजी के आदेश से गणेश ने अनलासुर को निगल लिया, लेकिन उनके पेट में बहुत जलन होने लगी। कई प्रकार के उपाय किए गए, लेकिन पेट की जलन शांत नहीं हुई। तब कश्यप ऋषि ने दूर्वा की 21 गांठ बनाकर गणेश भगवान को खाने को दी। दूर्वा ग्रहण करते ही जलन शांत हो गई। तभी से श्रीगणेश को दूर्वा चढ़ाने का विधान है। 
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने कहा कि 31 अगस्त और एक सितंबर को दो तिथियों में से किसी मे भी विसर्जन किया जा सकता है।
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