फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लक्ष्मण के प्राण बचाने वाली संजीवनी बूटी को खोज रही उत्तराखंड सरकार

Sun, 31 Jul 2016 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 10
sanjeevani booti
उत्तराखंड सरकार रामायण और पुराण का अध्ययन कर आयुष विभाग की मदद से संजीवनी बूटी की तलाश में जुटी है। प्रदेश के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि हमारा लक्ष्य संजीवनी बूटी को तलाशने का है। वेदों में भी यह वर्णन किया गया है कि चमोली जनपद के द्रोणगिरी पर्वत पर संजीवनी बूटी है।
विज्ञापन

2 of 10
dronagiri parvat
द्रोणगिरि पर्वत का जिक्र रामायण में संजीवनी बूटी के संदर्भ में तब आता है जब घायल लक्ष्मण को मूर्छा से जगाने के लिए हनुमान जी पूरा पर्वत उखाड़ लाये थे।
विज्ञापन

3 of 10
sanjeevani booti
हनुमान जी ने ऐसा इसलिए किया क्योंक‌ि वह संजीवनी बूटी पहचान नहीं पा रहे थे और बूटी शीघ्र ही लक्ष्मण तक पहुंचना आवश्यक थी। इसलिए वह पर्वत ही उखाड़कर लेते गये थे।

4 of 10
सुरेंद्र सिंह नेगी। - फोटो : अमर उजाला
कैबिनेट मंत्री नेगी विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में आयुर्वेद निदेशालय (आयुष) के अधिकारियों, संजीवनी शोध संस्थान के अध्यक्ष, सदस्यों के साथ बैठक में संजीवनी बूटी की तलाश तेज करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग संजीवनी परिवार की अज्ञात वनौषधियों की पहचान, परिचय, स्थान, द्रव्यों आदि का संग्रहण कर हर्बेरियम तैयार करे।
विज्ञापन

5 of 10
ramayan
इसके अलावा संजीवनी को लेकर रामायण, पुराण आदि में वर्णित संदर्भ स्थलों की जानकारी ले। आयुष निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी को इसका ब्ल्यू प्रिंट तैयार करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विलुप्त हो रहे औषधीय पौधों को खोज कर संरक्षित किया जाए।
विज्ञापन

6 of 10
सुरेंद्र सिंह नेगी - फोटो : amarujala
उन्होंने यह भी कहा कि जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में जो लोग और संस्थाएं कार्य कर रही हैं, उनको बुलाकर बृहद सम्मेलन कराया जाए। नेगी ने कहा कि हमारे प्रदेश की 65 फीसदी भूमि पर वन हैं जिनमें अनेक दुर्लभ औषधीय पौधे मौजूद हैं।
विज्ञापन

7 of 10
sanjeevani booti
कहा अधिकारी इनको लेकर मिशन के रूप में काम करें। इससे प्रदेश की कई समस्याओं का समाधान होगा। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना होगी, लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां बढ़ रहे पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।

8 of 10
sanjeevani booti
गौरतलब है कि रामायण और पुराणों में उत्तराखंड में संजीवनी बूटी का जिक्र है। उत्तराखंड के चमोली स्थित द्रोणागिर‌ि गांव के पास स्थित पर्वत को रामायण में वर्णित द्रोणागिरि पर्वत के नाम से जाना जाता है।

9 of 10
sanjeevani booti
कहा गया है कि जब लक्ष्मण मूर्छित हुए थे तो हनुमान जी संजीवी बूटी ले जाने के लिए द्रोणागिरी पर्वत उखाड़कर ले गये थे।
विज्ञापन

10 of 10
हनुमान - फोटो : hanuman
यही वजह है कि पूरे विश्व में हिंदुओं के आराध्य देव हनुमान की द्रोणागिरि गांव में पूजा नहीं होती है। गांव वाले आज भी हनुमान जी के पर्वत उखाड़कर ले जाने से नाराज हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें