इसी जगह पर था ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट
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परिणामस्वरूप पहले ऋषिगंगा प्रोजेक्ट और उसके बाद तपोवन प्रोजेक्ट तबाह हो गया। लेकिन, इन जलविद्युत परियोजनाओं के आगे नदी की चौड़ाई बढ़ने के साथ ही ढलान भी कम हो गया, जिससे नदी का प्रवाह कम हो गया। नीती घाटी के निचले वाले इलाकों में पहुंचते-पहुंचते नदी में मलबे की मात्रा फैलने के साथ ही उसका बहाव कम हो गया।